Tuesday, January 9, 2018

गोंडा में जल्द लागू होगा श्रावस्ती मॉडल

गोंडा पवन कुमार उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन के क्रम में जिलाधिकारी जेबी सिंह ने अनाधिकृृत लाउड स्पीकरों को हटवाने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक कर सख्त निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने बताया कि 15 जनवरी तक लाउडस्पीकर हेतु अनुमति लेनी अनिवार्य होगी। सभी तहसीलों के एसडीएम को निर्देश दिए है कि  पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर ऐसे स्थलों का चिन्हांकन कर लें तथा वहां लाउडस्पीकर लगाने वाले का अनुमति हेतु आवेदन भी साथ में दें दे जिसे भरकर वे उपजिलाधिकारी की संस्तुति पर लाउडस्पीकर हेतु अनुमति प्राप्त कर सकें। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलािधकारी ने बताया कि 15 जनवरी के बाद बिना परमीशन वाले लाउडस्पीकरों को हटवा दिया जाएगा तथा सम्बन्धित व्यक्ति के विरूद्ध ध्वनि प्रदूषण अधिनियाम के तहत कार्यवाही भी की जाएगी। इसके अलावा शासन के निर्देशों के क्रम में प्रदेश के सभी मण्डलायुक्त, डीएम व एसडीएम 11 जनवरी को ठण्ड के दृष्टिगत बनाए गए स्थाई एवं अस्थाई रैन बसेरों तथा जलवाए गए अलावों का भौतिक सत्यापन रात्रि में करेगें और 12 जनवरी को प्रदेश की सभी तहसील मुख्यालयों पर सांसदों, विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में गरीबों को निःशुल्क कम्बल का वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जिसमें सम्बन्धित तहसील के एसडीएम व तहसीलदार अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेगें। जिलाधिकारी ने बताया कि ठण्ड के दृष्टिगत सरकार अत्यन्त संवदेनशील है और शासन से स्पष्ट निर्देश प्राप्त हुए हैं कि प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाय कि ठण्ड के कारण कहीं भी किसी भी व्यक्ति की मृत्यु न होने पावे। जिलाधिकारी के आहवान पर सभी एसडीएम व अन्य जनपद स्तरीय अधिकारियों ने स्वयं के वेतन से गरीबों को निःशुल्क कम्बल बांटने की जिम्मेदारी ली है और शीघ्र ही इस अनूठी पहल के तहत गरीबों को निःशुल्क कम्बल वितरित किए जाएगें।
इसके अलावा जनपद में विवादों के निस्तारण के लिए शासन के निर्देशन में श्रावस्ती माॅडल पुनः शीघ्र ही लागू किया जाएगा। जिलाधिकाारी ने बताया कि जिले में श्रावस्ती माॅडल के तहत विवादों के निस्तारण हेतु कुल 37 टीमें बनाई गई हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन गांवों को श्रावस्ती माॅडल के तहत चयनित किया गया है उन गांवों में प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वहंा एक भी विवाद न रहने पावे अर्थात वह गांव पूरी तरह से निर्विवाद हो जाएगा। उन्होने सरकारी विभागों के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि जिन जगहों पर सरकारी विभागों की जमीनों पर अवैध निर्माण या कब्जे हों वे सूची सम्बन्धित एसडीएम को उपलब्ध करा दें। राजस्व व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम के द्वारा अवैध कब्जों को हटवाया जाएगा। राजस्व वादों की समीक्षा के दौरान डीएम ने निर्देश दिए कि उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों के न्यायालयों पर पांच वर्ष या से अधिक लम्बित वादों को सप्ताह में कम से कम दो बार पेशाी तारीख लगाकर मार्च 2018 तक मामलों को खत्म करें। उन्होने सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि कि श्रावस्ती माॅडल के तहत चिन्हांकित प्रकरणों को राजस्व विभाग की साइट पर फीड करा दें जिस पर मामलों के निस्तारण की अद्यतन रिपोर्ट शासन को भेजी जा सके। उन्होने यह भी निर्देश दिए कि प्रापर्टी रजिस्टर भी अपडेट कर लें।बैठक में एडीएम रत्नाकर मिश्र, सिटी मजिस्ट्रेट पीडी गुपता, एसडीएम सदर अर्चना वर्मा, एसडीएम करनैलगंज नन्हे लाल, एसडीएम मनकापुर उमेशचन्द्र उपाध्याय, एसडीएम तरबगंज अमरेश मौर्य, एसडीएम मायाशंकर यादव, सभी तहसीलदारगण, न्याय सहायक चन्द्रप्रकाश मिश्र तथा कलेक्ट्रेट  के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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