Wednesday, January 17, 2018

अब अगर बरामद हुए पुराने नोट तो जाना होगा जेल

नोटबंदी के 14 माह बीतने के बाद भी पुराने नोट का निस्तारण न करने वाले कानपुर के दो नामी लोगों समेत सात को पुलिस ने करीब 90 करोड़ रुपये के पुराने नोटों के साथ पकड़ा। ये नोट पूर्वांचल के एक्सचेंज करने वालों के माध्यम से खपाए जाने थे। एसएसपी अखिलेश कुमार ने आइजी क्राइम ब्रांच की सूचना पर एसपी पश्चिम डॉ. गौरव ग्रोवर व एसपी पूर्वी अनुराग आर्य की टीम के साथ स्वरूपनगर, गुमटी, जनरलगंज व अस्सी फिट रोड स्थित व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में छापेमार कर नकदी बरामद की। देर रात तक पुलिस पूछताछ के आधार पर छापेमारी करती रही।वहीं, आयकर टीम पकड़े गए लोगों से पूछताछ व उनसे बरामद रकम की गिनती करती रही। शहर में इतनी ज्यादा मात्रा में पुराने नोट लोगों के घरों व गोदामों में रखे है और संबंधित विभागों को जानकारी तक नहीं। पुलिस की इतनी बढ़ी रकम बरामदगी के बाद आयकर विभाग से लेकर विजलेंस टीम तक की आंखें फटी की फटी रह गईं। इस बरामदगी के बाद आयकर टीम ने शहर के अन्य नामी हस्तियों पर अपनी नजर गड़ा दी है। एसएसपी अखिलेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल व छापेमारी जा रही है।पुरानी करेंसी रखने पर जेल जाने के साथ इन लोगों के बरामद रकम पर पांच गुना आयकर देना होगा। जमा न करने की स्थित पर इसकी रिकवरी उनकी चल-अचल संपत्ति से की जायेगी।पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर शहर के विभिन्न होटलों के करीब 1 दर्जन लोगों को उठाया है जिसमे शहर के 2 हाई प्रोफाइल लोग भी है जिन्हें हिरासत मे लेकर कर पूछताछ हो रही है। इनकम टैक्स के अधिकारी भी कर रहे पूछताछवही पुलिस टीम की लगातार छापेमारी जारी है और भी लोगों को हिरासत में लिया जा सकता है। गौरतलब है कि पुरानी करेंसी बरामद होने पर बरामद रकम का पांच गुना टैक्स देना होता है अब सवाल ये है कि देश मे नोटबन्दी हुए 14 महीनें हो गए लेकिन ये करोड़ो के रुपये के ये पुराने नोट कहा खपने थे या आखिर कौन सा ऐसा सिस्टम है कि ये नोट बदले जा सकेंगे।
वही हाई प्रोफाइल मामला होने के कारण पुलिस अफसरों से चुप्पी साध ली है और पूरे मामले की जाँच पड़ताल में लगी है।कानपुर पुलिस को मिली सबसे बड़ी सफलता नोटबन्दी के बाद देश मे सबसे अधिक पुराने नोटों की बरामदगी । कई बड़े उद्योगपति पुलिस के शिकंजे में केन्द्र सरकार ने 10 पुराने नोटो के ऊपर बरामद होने पर दे रखा है कार्यवाही के निर्देश यहाँ नोटो से भरे पड़े धन्ना सेठों के कमरे, लग्जरी कारो से शहर पहुँचे थे नोट एक्सचेंजर करोड़ो ठिकाने लगाने से पहले दबोचे गए। शहर के कई उद्योगपतियों को हिरासत में लेकर चल रही पूछताछ। मार्च 2017 से NRI के लिए भी नोट बदलने की छूट हो चुकी है बन्द, आखिर कहां खपाने के लिए ले जा रहे थे करोडों के पुराने नोट गौरतलब है कि नोटबन्दी के 14 महीने बीतने के बावजूद अभी तक रिजर्व बैंक ने नहीँ जारी किए सही आकड़े, कही बैंक कर्मियों की मदद से तो नही चल रहा था ये पुराने नोटो को बदलने का गोरखधंधा। सूत्रों के अनुसार पुलिस टीम बरामद नोटो को गिनने के लिए मशीनों की व्यवस्था में लगी कलतक हो सकेगी बरामद नोटो की गणना।

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