Saturday, January 20, 2018

मन्दिर को उड़ाने सी साजिश नाकाम परिषर से विस्फोटक बरामद

बिहार के प्रमुख बौद्ध पर्यटक स्थल बोधगया में विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर परिसर से सुरक्षाकर्मियों ने विस्फोटक बरामद कर भगवान बुद्ध की पावन ज्ञानभूमि को दोबारा दहला देने की साजिश को नाकाम कर दिया है।पुलिस सूत्रों ने आज यहां बताया कि मंदिर परिसर की सफाई के क्रम में शुक्रवार की देर शाम महाबोधि मंदिर के गेट संख्या-4 के पास से एक लावारिस थैला मिला।जब वहां तैनात बिहार  पुलिस (बीएमपी) के हवलदार उपेंद्र प्रसाद राय ने संदिग्ध थैले को देखा तो स्कैनर से उसकी जांच कराई। पुलिस जांच में तीन संदिग्धों को भी सीसीटीवी में देखा गया है। शाम साढ़े चार बजे ये तीनों संदिग्ध मंदिर में प्रवेश करते देखे गए। इन तीनों में दो भारतीय और एक नेपाली शामिल हैं। इससे पहले बम मिलते ही पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू किया कर दिया गया। वहीं, बिहार पुलिस ने तीन जगहों से विस्फोटक मिलने की पुष्टि की है। बताया जाता है कि कालचक्र मैदान के गेट नम्बर चार के जेनरेटर के पास थरमस फटने की घटना हुई। इसकी आवाज सुनकर सुरक्षा में तैनात पुलिसवाले वहां पहुंचे। 
आसपास के इलाके को पुलिस ने अपने घेरे में लेकर तलाशी शुरू कर दी। इसी दौरान लावारिस हालत में वहां एक बैग मिला। संदिग्ध वस्तु दिखने के बाद तत्काल बम निरोधक दस्ता को बुलाया गया। स्कैन करने पर केन में विस्फोटक की बात सामने आई। इसके बाद तलाशी का दायरा बढ़ा दिया गया। पुलिस के मुताबिक श्रीलंका मॉनिस्ट्री के पास चौराहे के करीब एक पेड़ के चबूतरे के नीचे बैग में रखा दूसरा विस्फोटक मिला। साथ ही महाबोधि मंदिर के बाहर लाल चबूतरा के पास भी ऐसा ही एक थैला दिखा। जांच में इसमें भी विस्फोटक होने की बात सामने आई।   सीआरपीएफ और एसएसबी के बम निरोधक दस्ता ने सबसे पहले तीनों विस्फोटकों को अपने कब्जे में लेते हुए वहां से हटा दिया। विस्फोटक भीड़भाड़ से दूर सुरक्षित स्थान पर रखे गए हैं। उनकी छानबीन की जा रही है। बताया जाता है कि उसमें अमोनियम नाइट्रेट समेत दूसरे विस्फोटक और तार लगे हैं। मगध रेंज के डीआईजी और गया की एसएसपी गरिमा मल्लिक मौके पर मौजूद रही। 

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