Thursday, January 11, 2018

आखिर एमआरपी से अधिक क्यों लेते है दुकानदार

कानपुर। शहर के चिड़ियाघर में यूँ तो आधिकारिक तौर पर लिखा है कि यहाँ प्रिंट रेट से अधिक मूल्य किसी भी कैंटीन पर न दें, लेकिन आने वाले दर्शकों की आँखों में खुलेआम धूल झोंकते हुए जू के कैंटीन वर्कर और ठेकेदार सीना तान कर मनमानी पर उतारू हैं और ग्राहकों से बदतमीजी करते हुए अधिक पैसे वसूल रहे हैं।जू के दर्शकों की बार बार की जा रही शिकायत पर माई इंडिया न्यूज की टीम ने आज सच्चाई जानने के लिए जू का मुआयना किया तो सभी शिकायत सही पाई गई।
जहाँ से जू के लिए ट्रेन चलाई जाती है वो पहले और दूसरे प्लेटफार्म पर बने फ़ूड कैंटीन पर मनमाना चार्ज वसूला जा रहा था । ग्राहकों द्वारा टोके जाने पर उनसे सामान छीन कर बदतमीजी की जाती रही।दूसरे प्लेटफार्म पर आनन्दा छाछ की 15 रूपये प्रिंट की छोटी बोतल 20 रूपये पर दी जा रही थी।ऐसे ही काउंटर पर दिख रहे सभी सामानों पर मनमानी रकम वसूली जा रही थी।जब एक संभ्रात परिवार ने इसकी शिकायत अधिकारियों से करने की कोशिश की तो वहाँ के वन  कर्मियों ने मिलने नहीं दिया।
इसका साफ मतलब है कि ये सब नीचे से ऊपर तक सबकी मिलीभगत से खेल हो रहा है और मनोरंजन के लिए आये दर्शको की जेब पर खुला डाका डाला जा रहा है। दिखावे के लिए लगी है तख्तियां कि एम आर पी से ज्यादा मूल्य का भुगतान न करें, लेकिन ऐसा करने पर तो वहां पीने का पानी भी नसीब नहीं।

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