Saturday, January 20, 2018

पूर्वोत्तर राज्यों में विधानसभा चुनावों पर विशेष रिपोर्ट-भोला नाथ मिश्रा की कलम से

गुजरात हिमाचल विधानसभा चुनावी महाभारत के बाद चुनाव आयोग ने अगले मार्च महीने के पहले पखवाड़े समाप्त होने जा रहे विधानसभाओं के कार्यकाल को देखते हुए उनके चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। चुनाव कार्यक्रम की तिथियां घोषित होने के बाद एक बार फिर चुनावी रणभेरी बज गयी है ।एक बार फिर इन राज्यों में सक्रिय राजनैतिक भूमिका निभाने वाले दलों का भविष्य और इज्ज़त दोनों दाँव पर लग गये हैं।जिन राज्यों के चुनावों की घोषणा आयोग ने की है उनमें से त्रिपुरा में मतदान अठ्ठारह नागालैंड व मेघालय में सत्ताइस फरवरी को मतदान होगा और तीन मार्च को मतगणना करके चुनाव परिणामों की घोषणा कर दी जायेगी।त्रिपुरा में नामांकन की अंतिम तारीख इक्तीस जनवरी है जबकि नागालैंड व मेघालय में सात फरवरी तक नामांकन होगा।इनमें त्रिपुरा व मेघालय में वाम दलों का तो नागालैंड में भाजपा समर्थित नागा पीपुल्स की सरकार है।वैसे अबतक काग्रेंस यहाँ पर मुख्य विपक्षी दल के रूप में रहा है और आज भी यथावत है।भाजपा के लिये इन राज्यों में विजय पाना उसके राष्ट्रीय अभियान में महत्वपूर्ण है क्योंकि जहाँ कभी बैठने की जगह न रही हो अगर वहाँ पर घर बन जाता है तो उसका संदेशा अगले लोकसभा चुनाव के लिये शुभकारी होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके सिपहसालार राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह आगामी तीनों राज्यों में होने जा रहे चुनाव में अपने अभियान के अश्वमेध घोड़े को कैसे बचायेगें यह भविष्य के गर्भ में छिपा है। काग्रेंस अपनी पुरानी साख को बचाने में निश्चित तौर पर जान लगा देगी क्योंकि यह उसके वनवास का समय है और वह हर जगह अपनी साख बचाने में जुटी है और उसके नेता राहुल गांधी जी जान से पार्टी को लक्ष्य प्रदान करने में जी जान से है।इन तीनों राज्यों के चुनाव आगामी राजनैतिक भविष्य के लिए निर्णायक भूमिका अदा कर सकते हैं।यह तीनों राज्यों के होने जा रहे चुनावों कांग्रेस व भाजपा के लिए किसी राजनीतिक परीक्षा से कम महत्वपूर्ण नही हैं।
           भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी

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