Sunday, February 4, 2018

जाने क्या है सूचना का अधिकार

भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 (1) के अंतर्गत सूचना का अधिकार हमारा मौलिक अधिकार है ।भारत एक लोकतंत्र देश है, लोग ही इसके मालिक हैं, इस लिए मालिक को यह जानने का अधिकार है, कि सरकारें, उनकी सेवार्थ किस प्रकार कार्य कर रही है । इसके अलावा हर नागरिक को ही करों आदि का भुगतान करना पड़ता है ।इस नागरिकों को यह भी जानने का अधिकार है कि उसके धन को किस प्रकार खर्च किया जा रहा है ।इसके बावजूद भी सूचना का अधिकार कानून को इस लिए लाया गया कि यह हमारा मौलिक अधिकार होते हुए भी सरकारी विभाग के अधिकारी अपनी सभी पत्रावलियों को दिखाएं या उसकी प्रति उपलब्ध कराएं।यह निश्चित ही ऐसा नहीं करेगा ,अधिकतर तो वह आपको कमरे के बाहर निकाल देगा ।इसको ध्यान में रखते हुए सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 जो 13 अक्टूबर 2005 से प्रभावी हुआ है ।हमें ऐसी ही सूचना को उपलब्ध कराता है ।इसमें सूचना के लिए कैसे और कहाँ आवेदन करें, कितना शुल्क देना होगा आदि के संबंध में प्रक्रिया निर्धारित की गई हैं ।सूचना से तात्पर्य है जिसमें किसी भी प्रकार की सामग्री हो सकती है, जिसमें अभिलेख, दस्तावेज, मीमो ,ई-मेल ,विचार परामर्श ,प्रेस रिलीज, परिपत्र ,आदेश, लाॅग बुक ,संविधा प्रतिवेदन, कागजात, बानगी, नमूने, किसी भी रूप में रखी गई इलेक्ट्रॉनिक सांख्यिकी सामग्री एवं निजी संकाय से संबंधित ऐसी सूचना जो लोक प्राधिकरण द्वारा किसी भी कानून में प्राप्त की जा सकती है । राजकीय पत्रावली  पर की टिप्पणी को छोड़कर ।
सुरेश शर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय सूचना अधिकार टास्क फोर्स ट्रस्ट,मुख्यालय, मोदीनगर, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश ।

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