Sunday, February 4, 2018

केवल एक मीडिया संगठन संग आयोजित हुई कार्यशाला अन्य पत्रकारों का किया अपमान

गोण्डा पवन कुमार द्विवेदी। पीआईबी के कार्यक्रम पर लगा एक पत्रकार संगठन का ग्रहण पीआईबी के कार्यक्रम पर लगा एक पत्रकार संगठन का ग्रहण   पत्रकारों में आक्रोश, बहुतों ने नहीं की भागीदारी, कईयों ने बीच में छोडी कार्यशाला गोण्डा। अब इसे प्रेस इन्फार्मेशन व्यूरों की अज्ञानता कहें या स्थानीय प्रशासन की जानबूझकर की गयी लापरवाही, पीआईबी द्वारा आयोजित ग्रामीण मीडिया कार्यशाला जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम को जनपद के एक पत्रकार संगठन के हवाले कर कई पत्रकारों को इसमें भागीदरी करने से वचिंत इन्फारमेंशनऑ वही कुछ ऐसे पत्रकारों को कार्यक्रम को बीच में छोडने के लिय विवश होना पडा जिन्हे इस गडबडघोटाले की जानकारी पहले से नही थी। Read This - पत्रकार की माँ का निधन, शोक सभा आयोजित प्रेस इन्फारमेंशन ब्यूरों लखनउ के उपनिदेशक ''मीडिया'' डा0 श्रीकांत श्रीवास्तव के निमंत्रण पर स्थानीय जिला पंचायत सभागार में पहुंचे जनपद के कुछ पत्रकारों को उस समय बडी निराशा हाथ लगी जब उन्हें यह अससास हुआ कि पीआईबी द्वारा आयोजित ग्रामीण मीडिया कार्यशाला पीआईबी का न होकर जनपद के एक पत्रकार संगठन द्वारा हाइजेक कर लिया गया है। संभवतः जनपद के कुछ पत्रकार संगठनों और कुछ वरिष्ठ पत्रकारों को इस गडबडघोटाले की जानकारी पहले से ही थी इसलिए उन्होनें इस कार्यक्रम मे अपनी भागीदारी ही नहीं की फिलहाल वहा उपस्थित कुछ पत्रकारों को जब इसकी जानकारी हुयी तो उन्होनें किनारा कर लेना ही उचित समझा। Read This - बिहार के लाल को मिला श्रेष्ठ पत्रकारिता के लिए "कलम का सम्मान" मण्डलायुक्त देवीपाटन मण्डल एसवीएस रंगाराव की अध्यक्ष्ता, मुख्य विकास अधिकारी दिव्या मित्तल, विधायक मेहनौन विनय द्विवेदी, विधायक गौरा प्रभात वर्मा, सीएमओ डा0 एस के श्रीवास्तव सहित अन्य कई जनपद स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित इस अति महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आरम्भ इस इस बात का संकेत देने लगा था कि इस कार्यक्रम को एक संगठन द्वारा हाइजेक किया जा रहा है, एक पत्रकार संगठन द्वारा पहले से ही आयोजित कार्यक्रम के बीच पीआईबी का कार्यक्रम, मंच पर उसी संगठन के एक पदाधिकारी को जगह देना, कार्यक्रम मे बीच मे ंही पत्रकार संगठन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण कराना जैसे अनेकों कार्यक्रमों ने इस आंशका को सत्य साबित कर दिया कि पत्रकारों को अपनी योग्यता में वृद्वि करने जैसे इतने महत्वपूर्ण कार्यकम पर उस पत्रकार संगठन की काली छाया पड़ चुकी है और कार्यक्रम को उन्हें बीच में ही छोडना पडेगा। यहां यह भी बताना आवश्यक है कि जिला पंचायत सभागार में उपस्थित सभी पत्रकारों में लगभग 95 प्रतिशत पत्रकार उसी संगठन के थे, जनपद के अन्य संगठनों से जुडे पत्रकार और कई वरिष्ठ पत्रकार जिन्हे इस कार्यक्रम में होने वाले धोखाधडी की जानकारी पहले से थी उन्होनेंं इसमे भागीदारी ही नहीं की। पीआईबी की इस नादानी और स्थानीय प्रशासन द्वारा पीआईबी को धोखे मे रखने से जहां पीआईबी की इस कार्यक्रम के उददेश्य पर ग्रहण लग गया वहीं जनपद के कई ऐसे सक्रिय पत्रकारों को मिलने वाले अति महत्वपूर्ण ज्ञान से भी वचिंत होना पडा। हैरानी की बात तो यह है कि जब इस विषय पर उपनिदेशक पीआईबी लखनउ डा श्रीकांत श्रीवास्तव से जानकारी चाही गयी तो उन्होनें अपनी और स्थानीय प्रशासन की इस भंयकर गलती पर पर्दा ही डालने का प्रयास किया।

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