Friday, February 2, 2018

दो पहिया वाहनों की दिन रात जलती लाइट

लाइट यानी रोशनी की जरूरत रात के अधियारें को समाप्त करने के लिए होती है इसीलिए विभिन्न वाहनों एवं अन्य जगहों पर रात में रोशनी की व्यवस्था की जाती है। वाहनों में रात के सफर के लिये उसमें अन्य वाहनों की तरह लाइट की व्यवस्था होती है। अबतक घर हो चाहे वाहन हो लेकिन लाइट का इस्तेमाल सिर्फ दिन में ही होता था और दिन में रोशनी करने की बात पर कोई यकीन नहीं करता था। अबतक दिन में रोशनी के इस्तेमाल करने पर लोग पागल दिन का अंधा और बेवकूफ कहकर खिल्ली उड़ाते थे। जिसकी लाइट दिन में भूलवश जलती थी उसे लोग टोक देते थे। खासतौर पर दो पहिया वाहनों के चालक एक दूसरे को आवाज देकर अक्सर लाइट बंद करने का अनुरोध  करते रहते हैं।अबतक दो पहिया वाहनों में लाइट का स्विच लगा रहता था जिससे लाइट आफ आन होती थी और लोग रात में जला लेते और दिन में बुझा देते थे। लेकिन हमारी सरकार ने इतिहास भूगोल सब बदलकर सबको दिन का अंधा बना दिया है और दो पहिया वाहनों में अब आन आफ करने का स्विच ही गायब करवा दिया है। अब दो पहिया वाहनों में रात दिन लाइट जला करती है और लोग इस नयी व्यवस्था पर हंसी और खिल्ली उड़ा रहे हैं।दो पहिया बाइक विशेषज्ञ मानते हैं कि रात दिन लाइट जलने से बैट्री की हीटिंग लगातार बनी रहने से बैट्री जल्दी खराब हो जाती है।सरकार का तर्क है कि दिन में लाइट जलती रहने से दुर्घटनाएँ कम होगी और लोगों को बेमौत मरने से रोका जा सकेगा। सरकार का यह फरमान और तर्क आमलोगों के गले नहीं उतर पा रहा है तथा अटपटा सा लग रहा है।दो पहिया वाहनों की लाइटों के जलने से सामने से चकाचौंध लगती है जिससे दुर्घटनाओं के चांस बढ़ जाते हैं।दिन हो चाहे रात आँख पर तेज रोशनी पड़ने से सामने कुछ दिखाई नहीं देता है और अंधियारा छा जाता है। सरकार ने जबसे यह आदेश जारी किया है तबसे बाइक निर्माता कम्पनियों की लागत में कमी और मुनाफे में वृद्धि हो गयी है क्योंकि एक स्विच और वायरिंग दोनों की लागत बीस रुपये से कम नहीं होती है। सरकार को चाहिए कि वह जबसे फरमान जारी हुआ है तबसे अबतक के आँकड़ों की तुलना की पहले से करके पता करे कि नयी व्यवस्था उसकी सोच के अनुरूप परिणाम दे रही है या नही। लोगों का मानना है कि जबसे दिन में बाइकों की लाइट जलने लगी हैं तबसे दुर्घटनाओं में कमी नहीं बल्कि वृद्धि हुई है। सरकार का यह पहला फैसला है जो मजाक बन गया है और दिन में लाइटें चमकने लगी हैं।सरकार की इस नयी व्यवस्था लागू होने के बाद एक बात तो सही है कि मार्ग पर रौनक बनी रहती है और लाइट जलने से आने वाले की जानकारी पहले हो जाती है।कुल मिलाकर बाइक से आन आफ स्विच हटाना उचित प्रतीत नहीं होता है इस पर पुनर्विचार करने की जरुरत प्रतीत होती है।इस सब के बावजूद सरकार की व्यवस्था का अनुपालन करना देश की जनता का धर्म और मजबूरी दोनों है जो किया जा रहा है।इस देश में तरह के राजा महाराजा हुये हैं और चमड़े के सिक्के तक चलाये जा चुके हैं।
     . ..  भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेवी
रामसनेहीघाट,बाराबंकी

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