Wednesday, March 21, 2018

कैलास विजयवर्गीय के विरुद्ध जारी हुआ नोटिस

नई दिल्ली।सुप्रीम कोर्ट ने कैलाश विजयवर्गीय के विरुद्ध अंतरसिंह दरबार द्वारा जारी चुनाव अपील में जारी किया नोटिस।मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के द्वारा चुनाव याचिका में पारित आदेश के विरुद्ध उक्त चुनाव अपील अंतरसिंह दरबार द्वारा दायर की गई है। दरबार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता अनुपम लाल दास, रवींद्रसिंह छाबड़ा व रघुवीर सिंह दरबार द्वारा पैरवी की गई। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के आदेश  में अनेक विधिक त्रुटियाँ पाते हुए उक्त आदेश पारित किया।उक्त चुनाव अपील में कैलाश विजयवर्गीय व मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कुल 11 व्यक्तियों को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के आदेश में प्रकरण के अनेक चक्षुदर्शी साक्षीयों पर कोई निर्णय ही नहीं दिया। निर्णय में कुछ बातें ऐसी हैं जो किसी भी पक्षकार द्वारा कभी चुनाव याचिका में कही ही नहीं गई। अनेक चित्रों, अखबार की खबरों, विडियो और साक्षीयों को साक्ष में ग्रहण ही नहीं किया, जिससे व्यथित होकर दरबार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
यदि अंतरसिंह दरबार की चुनाव अपील स्वीकार कर ली गई तो कैलाश विजयवर्गीय सहित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अगले पाँच साल के लिए चुनाव लड़ने से वंचित हो जाएंगे। इस खबर से महू में काँग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश और उत्साह की लहर है और दरबार के घर पर कार्यकर्ताओं और मीडिया का जमावड़ा शुरू हो गया है।सुप्रीम कोर्ट में नोटिस जारी होना ही आधी लडाई जीतने जैसा है। गौरतलब है कि जिन 2 जज साहब ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में चुनाव याचिका की सुनवाई की थी उनके रिटायर होते ही शासन द्वारा उनकी आयोग में नियुक्ति पर काँग्रेस के शहर प्रवक्ता द्वारा ट्वीट कर रोष भी जताया गया था।

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