Friday, March 30, 2018

जम्मू कश्मीर की समस्या और मुफ़्ती का बयान भोला नाथ मिश्रा की कलम से

हमारे देश में तमाम समस्याएं राजनीति के चलते घटनेे की जगह शरीर के कोढ की तरह बढ़ती ही जा रही है। हमारे राजनेताओं के राजनैतिक नरम रूख के ही चलते हमारे देश में आतंकवाद सम्प्रदायवाद जातिवाद नक्सलवाद प्रांतवाद जैसी समस्याएं पैर फैलाती जा रही हैं और हम कुछ कर नही पा रहे हैं। जो फैलने से रोकने में सक्षम हैं वह वोट बैंक खिसक जाने की डर से कुछ साफ बोल ही नहीं पाते हैं और लीपापोती करते रहते हैं।आजादी के समय से चली आ रही जम्मू कश्मीर की समस्या सिर्फ राजनीति के चक्कर में आतंकवाद का रूप धारण करती जा रही है।अब तो वहाँ हिंदुस्तान नहीं पाकिस्तान जिन्दाबाद के नारे और हमारे जवानों पर पत्थर फेंके जाने लगे हैं। वहाँ पर आतंकियों को राजनैतिक एवं धार्मिक पनाह देकर उनके मनोबल को बढ़ाया जा रहा है इसीलिए जब वहाँ पर कोई आतंकी मारा जाता है तो  तूफान खड़ा हो जाता है और लोगों का खाना पीना चैन से रहना दूभर हो जाता है। राजनीति के चलते ही धीरे धीरे इस मुद्दे को अन्तर्राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया गया है। जम्मू कश्मीर में जिस तरह से भारतपसंदो के साथ व्यवहार किया जा रहा है यह जगजाहिर है और काश्मीरी पंडित और आतंंकियों की गोली के शिकार  इसके प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।इसके बावजूद अभी परसों जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने श्रीनगर में एक ट्रेवल एजेंट एशोसिएशन को संबोधित करते हुए कहा है कि गोली का जबाब गोली से देना आखिरी रास्ता नहीं है और उन्होंने देशवासियों से काश्मीरियों के घावों पर मरहम लगाने के लिए आगे आने का आवाह्वान किया है।साथ ही एक राजनैतिक नुक्ता भी लगा दिया कि हमारे ही देश ने हमें अकेला छोड़ दिया है। मुख्यमंत्री मुफ्ती का यह बयान दुर्भाग्यपूर्ण कहा जा रहा है क्योंकि हम आजादी के बाद से ही चिल्ला रहे हैं कि काश्मीर हमारा ह्दय स्थल है और वादी के लोग जान से प्यारे हमारे अपने भाई हैं।गोली का जबाब सिर झुकाकर चलने का परिणाम दुनिया देख चुकी है कि किस तरह आतंकियों के मारे जाने गिरफ्तार होने पर पाकिस्तान समर्थित भीड़ हमारे निहत्थे फौजी जवानों पर पत्थर फेंकते हैं।जम्मू कश्मीर की समस्या का लम्बे समय तक निस्तारण न होना देश में आतंकवाद सम्प्रदायवाद एवं कट्टरता को बढ़ावा देकर देश के भविष्य के लिए खतरा पैदा करने जैसा है।राजनैतिक समाधान की उम्मीद जम्मू कश्मीर देश विरोधियों और आतंंकियों की नर्सरी और पनाहगाह बन गया है। वहां की सरकार हमेशा दोहरी भूमिका अदा करती है और कभी देश प्रेम का तो कभी देश विरोधियों की हमदर्दी का नाटक करती है। धन्यवाद।। भूलचूक गलती माफ।
           भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/ समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी।

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