Friday, March 30, 2018

पत्रकार वसीम अहमद के उत्पीड़न के खिलाफ आया मीडिया क्लब

मुज़फ्फरनगर।विदादित पोस्ट के मामले में जेल भेजे गए पत्रकार वसीम अहमद के पक्ष में मुज़फ्फरनगर मीडिया क्लब एक जुट हो गया। मीडिया क्लब के करीब  भारी संख्या मे पत्रकारों ने एसपी सिटी से मुलाकात कर निर्दोष पत्रकार को इंसाफ दिलाने की मांग की। सूत्रों के अनुसार व्हाट्स ग्रुप पर  डाली गई विवादित पोस्ट पर राजनैतिक लोगो के दबाव में पुलिस ने बिना सुनवाई के पत्रकार वसीम अहमद  को जेल भेज दिया था। उनकी खता मात्र इतनी थी कि वो ग्रुप एडमिन है। पुलिस ने ये कार्यवाही ऐसे में की जब वसीम अहमद के ग्रुप से आरोपी को तुरंत रिमूव कर गया था, और वसीम अहमद ने विवादित पोस्ट डालने वाले होमगार्ड के खिलाफ तहरीर दी तो पुलिस ने उल्टा उन्हें बिना सुनवाई के गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, उन्होंने पोस्ट का विरोध किया और कार्यवाही करने के लिए कदम भी उठाया लेकिन उनकी एक न सुनी गई और जेल भेज दिया, जिससे प्रतीत होता है कि पुलिस ने ये कार्यवाही कुछ सफेद पोश लोगो के दबाव में आकर की, जबकि विवादित पोस्ट करने वाले होमगार्ड पर कोई कार्यवाही नही की गई। इस मामले की वसीम के परिजनों द्वारा जानकारी जब मुज़फ्फरनगर मीडिया क्लब को मिली तो क्लब के पदाधिकारी व सदस्यो ने वसीम के पक्ष में एसएसपी के नाम एक ज्ञापन एसपी सिटी को सौंपा। मीडिया क्लब के अध्यक्ष मुशर्रफ सिद्दीकी ने कहा कि पुलिस की कार्यवाही निष्पक्ष नही है, जब एडमिन को ये जानकारी भी नही कि उसके ग्रुप में विवादित पोस्ट डाली गई और पता चलते ही उस व्यक्ति को ग्रुप से निकाल दिया गया तो फिर पत्रकार को जेल भेजने की क्या आवश्यकता थी, उन्होंने कहा कि जब पत्रकारों को ही बिना सुनवाई के राजनैतिक लोगो के दबाव में जेल भेजा जाने लगे तो लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ का प्रशासन कितना ख्याल करता है। इस बात का साफ अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जनपद का पत्रकार हर मोड़ पर पुलिस का सहयोग करता है, चाहे चरथावल पुलिस पर आरोपी से झाडू लगाने के आरोप का व्हाट्सअप ग्रुप्स द्वारा पुलिस का बचाव करना रहा हो या फिर कथित मुठभेड़ में बदमाशो को घायल करना रहा हो। पत्रकार पुलिस की कार्यशैली का अहसास शासन व जनता तक अपनी कलम से कराता है, पत्रकारों के सहयोग के बिना पुलिस वाह वाही लूट कैसे सकती है। यहां तक कि पत्रकार पुलिस के हर गुड़ वर्क को जनता तक पहुंचाते है, लेकिन जब पत्रकारो का ही उत्पीड़न होने लगे तो कहा जाए , ये एक सवाल बनकर उभर रहा है। सभी पत्रकारों ने एक स्वर में पत्रकार वसीम अहमद की तुरन्त रिहाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि पत्रकारों का उत्पीड़न किसी भी सूरत में बर्दास्त नही होगा। वसीम अहमद को इंसाफ नही मिलने पर मीडिया क्लब आंदोलन से भी पीछे नही हटेगा। प्रतिनिधि मंडल में पत्रकार मुशर्रफ सिद्दीकी, फरमान अब्बासी, शाहनवाज़, अनवर हसन, इस्तिफा हुसैन, गुलशन रानी, अरशद मंसूरी, विशु शर्मा, नरेंद्र मोहन, अरशद अब्बासी, संदीप कुमार, राशिद अंसारी, सय्यद हुसैन, प्रदीप चटर्जी, जीशान खान, शादाब अब्बासी, अमीर आज़म, डॉ शाहवेज़ राव, अनीस अंसारी, फरीद अहमद, इकरामुद्दीन मलिक, जुनैद खान आदि पत्रकार रहे।

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