Thursday, March 29, 2018

फर्जी कागजात तैयार कर सिपाही ने किया दूसरे की पत्नी से शादी हुआ लाइन हाजिर

आदर्श दूबे
देवरिया।गोरखपुर में तैनात एक सिपाही समेत पांच पर सदर कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी, साक्ष्य छिपाने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है। यह कार्रवाई कोतवाली पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर की। सिपाही पर दूसरे की पत्नी से फर्जी कागजात तैयार कराकर शादी करने का आरोप है। मुकदमा दर्ज करने के बाद कोतवाली पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।बता दें कि मईल थाना क्षेत्र के ग्राम भागलपुर निवासी जयप्रकाश यादव का आरोप है कि उसकी शादी लालसा यादव निवासी जमुआ नंबर एक में 1996 में हुई। शादी के बाद लालसा ससुराल पहुंची। इसके छह माह बाद उसका पति जयप्रकाश यादव घर की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए बाहर चला गया। इस बीच जयप्रकाश की पत्नी का संबंध उसके भतीजे राजू यादव से हो गया। इसे लेकर पत्नी व जयप्रकाश में दूरी बढ़ गई और विवाद बढ़ता चला गया। उसका कहना है कि पत्नी का फर्जी कागजात तैयार कराकर मई 2012 में राजू यादव न्यायालय में उसकी पत्नी से शादी कर लिया। इसकी शिकायत भी उसने कई जगह की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद जयप्रकाश ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, न्यायालय के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने बुधवार की सुबह गोरखपुर में तैनात सिपाही राजू यादव, भागलपुर निवासी लालसा यादव, गुजराती देवी, गवाह रहे मारुतिनंदन तिवारी निवासी पड़री तिवारी थाना कोतवाली सलेमपुर, लक्ष्मीना देवी निवासी जमुआ नंबर एक सलेमपुर कोतवाली के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया। इस बाबत सदर कोतवाल सत्येंद्र पांडेय ने कहा कि न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय का भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिसकर्मियों पर डंडा चलना शुरू हो गया है। जुआरियों को छोड़ने के लिए 30 हजार रुपये लेने के आरोप में मदनपुर के प्रभारी निरीक्षक व सिपाही को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। साथ ही एसपी ने इसकी जांच सीओ रुद्रपुर को सौंप दी है। हालांकि अभी नए थानाध्यक्ष की मदनपुर थाने पर तैनाती नहीं की गई है।जिले में नए पुलिस कप्तान रोहन पी कनय के तेवर को देख भ्रष्टाचार पर कुछ कमी आई है तो कुछ जगहों पर रुपये लेने का ट्रेंड ही बदल गया है। एसपी ने थानाध्यक्षों के जांच के लिए अपने गुप्तचरों को भी लगा दिया है और इसकी रिपोर्ट भी एसपी तक आने लगी है। शुक्रवार की रात मदनपुर पुलिस ने आठ जुआरियों को पकड़ा। इसके बाद पुलिस जेल भेजने की बजाए उनसे रुपये तय करने में जुट गई। पुलिस ने 30 हजार रुपये लिया और मामले की इतिश्री करते हुए आरोपितों को घर भेज दिया। मामला एसपी तक पहुंचा तो एसपी ने शनिवार की रात प्रभारी निरीक्षक अजय श्रीवास्तव व सिपाही दीन दयाल को कार्यालय बुलाया। इसके बाद दोनों से अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ में सिपाही ने अपने जरिये रुपये मंगाने की पुष्टि की। इसके बाद एसपी ने दोनों को लाइन हाजिर कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर थानाध्यक्ष व सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया गया है। साथ ही जांच के आदेश दिए गए हैं। किसी भी दशा में अगर कोई भी पुलिसकर्मी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है तो उसको बख्शा नहीं जाएगा।

No comments:

Post a Comment