Friday, March 16, 2018

कहीं चेतावनी तो नही दे रहे है उत्तरप्रदेश के उप चुनाव

उत्तर प्रदेश में गोरखपुर व फूलपुर के उपचुनाव परिणाम पक्ष और विपक्ष के लिये चेतावनी की घंटी के समान हैं।इस चेतावनी पर भी अगर पक्ष विपक्ष नहीं चेता तो आगामी लोकसभा चुनाव में दिल्ली दूर हो जायेगी।इन दोनों लोकसभा उपचुनाव को चुनाव पूर्व का सर्वेक्षण भी माना जा सकता है।इन दोनों परिणामों से गुमशुम पड़े विपक्ष में एक बार फिर से जान आ गयी है और यह साबित हो गया है कि अगर बुआ बबुआ और पप्पू तीनों एक साथ होकर आगामी लोकसभा चुनाव में आये तो अपने लक्ष्य की तरफ अग्रसर हो सकते हैं। बुआ और बबुआ की परसों परिणाम आने के बाद आवास पर आमने सामने हुयी मुलाकात अपने आप में ऐतिहासिक राजनैतिक बदलाव का संकेत देनी वाली है। गोरखपुर और फूलपुर ने विपक्ष को आगाह कर दिया है कि आगामी लोक सभा चुनाव में सभी मिलकर एक हो जाओ वरना वजूद बचाना मुश्किल हो जायेगा। इन दोनों चुनाव परिणामों को राजनैतिक नजरिये से बहुत महत्व माना जा रहा है इसीलिए पक्ष व विपक्ष दोनों परिणामों का गहन अध्ययन समीक्षा करने में जुट गये हैं। इन दोनों परिणामों ने सत्ता दल को भी चेतावनी दी है कि संभल जाओ वरना आगामी लोकसभा चुनाव में अहंकार चकनाचूर हो जायेगा और सन् चौबिस कौन कहे उन्नीस कठिन हो जायेगा।इन दोनों परिणामों ने सत्ता और विपक्ष दोनों को सुधरकर संभलने का अवसर दिया है क्योंकि फाइनल गेम होने में अभी करीब साल का समय अवशेष हैं।
          भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/ समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी।

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