Friday, March 23, 2018

मां शक्ति का सातवां स्वरूप है काल रात्रि

मधुबनी-बिहार, मा शक्ति के सातवें स्वरूप को काल रात्री के रूप में जाना जाता है ।
इसी दिन रात में अर्ध रात्रि(निशित काल में) महा निशा पूजा का विधान है ।माता का महा स्नान के पश्चात 56 प्रकार का भोग लगाया जाता है । ऐसी मान्यता है कि जो भक्त निष्ठा पूर्वक इस पूजा में सम्मिलित होते हैं उसकी सारी मनोकामना माता पुरा करती है ।
यह रात मंत्र सिद्ध और जागृत करने का अति उत्तम समय होता है। निशित काल में निशा पूजा होने के कारण बहुत कम लोगों को यह पूजा देखने का शौभाग्य प्राप्त होता है । देवी पुराण के अनुसार सभी को  नवार्ण मंत्र का जप कम से कम एक माला करना चाहिए । इससे ग्रहों से निकलने वाले नकारात्मक प्रभाव कम होता है और साकारात्मक उर्जा की प्राप्ति होती है ।

ज्योतिष-पंकज झा " शास्त्री "
मोबाइल - 9576281913

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