Thursday, March 22, 2018

राजस्थान में जेलों की हालत खस्ता जस्टिस ने जताई नाराजगी

राजस्थान प्रदेश की जेलों में सुधार के लिए दिए गए निर्देशों की पालना नहीं होने पर गुरुवार को एसीएस होम, डीजीपी और डीजी जेल हाई कोर्ट में पेश हुए. यहां जस्टिस मोहम्मद रफीक की खण्डपीठ ने अदालती आदेश की पालना नहीं होने पर नाराज़गी जताई.
उल्लेखनीय है कि प्रदेश की जेलों में सुधार के लिए 27 जनवरी 2016 को राजस्थान हाई कोर्ट ने 45 निर्देश जारी किए थे. लेकिन इन निर्देशों की पूरी तरह से पालना नहीं होने पर हाई कोर्ट ने गुरुवार को एसीएस होम दीपक उप्रेती, डीजीपी ओपी गल्होत्रा, डीजी जेल भूपेन्द्र सिंह को तलब किया.तीनों अधिकारी हाई कोर्ट में पेश हुए. यहां जस्टिस मोहम्मद रफीक की खण्डपीठ ने एनओवी के गठन में देरी, सेन्ट्रल जेलों में लगे रोटी मैकर्स की खराबी व जेलो में बढ़ते मोबाइल के उपयोग पर गहरी नाराज़गी जताई. वहीं पूरे मामलें में सरकार की ओर से एएजी जगमोहन सक्सेना ने शपथ पत्र पेश करके बताया गया कि 45 में से किन-किन निर्देशों की पालना कर दी गई है.हाई कोर्ट के सवालों का क्या दिया अधिकारियों ने जवाब?
जस्टिस मोहम्मद रफीक- अभी तक एनओवी(नॉन ऑफिशियल विजिटर्स) का गठन क्यों नहीं हुआ?
एसीएस होम दीपक उप्रेती- 2 हफ्ते में एनओवी का गठ कर दिया जाएगा.
जस्टिस मोहम्मद रफीक- खराब रोटी मैकर्स को लेकर क्या किया?
डीजीपी/डीजी जेल- इस मामले को जल्द रेक्टिफाई कर लिया जाएगा.
जस्टिस मोहम्मद रफीक- अगली सुनवाई तक इसके टैंडर जारी करें।जस्टिस मोहम्मद रफीक- जेलों में मोबाइल का उपयोग लगातार बढ़ रहा है, इसे लेकर क्या कर रहे है?
डीजी जेल भूपेन्द्र सिंह- हम लगातार जेलों मे तलाशी ले रहे हैं, अभी तक 200 मोबाइल व सिम बरामद की हैं. तलाशी आगे भी जारी रहेगी।जस्टिस मोहम्मद रफीक- वीडियो कांफ्रेसिंग को भी मजबूत किया जाना चाहिए. इससे कई समस्याए हल हो जाएगी.
डीजीपी/डीजी जेल/एसीएस होम- इसे अभी अगली सुनवाई तक पूरा कर लिया जाएगा।जस्टिस मोहम्मद रफीक- एसीएस होम पूरे आदेश को रिव्यू करें. वहीं जरूरत समझें तो जेलों का विज़िट भी कर सकते हैं. जिससे पूरी स्थिति का अंदाजा लगाया जा सके.

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