Friday, March 16, 2018

सूदखोरी सीनाजोरी के खिलाफ सड़क पर उतरी महिलाये

रोहनिया- राजातालाब स्थित डाक बंगला पर गुरूवार को दोपहर12 बजे मनचलो और सूदखोरों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की माँग को लेकर गुरुवार को हजारों महिलाएं सड़क पर उतरी। लोक समिति द्वारा आयोजित धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में छेड़खानी,सूदखोरी महिला हिंसा के खिलाफ आराजी लाइन और सेवापुरी ब्लाक के दर्जनों गाँव से आयी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने ढोल नगाड़ों के साथ जोरदार रैली  राजातालाब बाजार से तहसील तक  निकाली तख्ती बैनर लिए महिलाएं नारा लगा रही थी। सूदखोरों के खिलाफ कार्यवाही करो, महिला हिंसा बंद करो, छेड़खानी पर रोक लगाओ, शराब बेचना बंद करो, आदि कई प्रकार के स्लोगन लिखे तख्ती के साथ पूरे राजातालाब बाजार का भ्रमण किया। इस दौरान जी टी रोड पर अफरातफरी का माहौल बन गया सड़क के दोनों किनारो गाड़ियों की लंबी लाइन लग गयी और घंटो जाम की स्थिति बन गयी।
रैली ब्लॉक मुख्यालय से होते हुए राजातालाब तहसील पर पहुँचा मुख्य गेट पर महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया।
तहसील पहुँचते ही  लोगों ने छेड़खानी करने वालो व सूदखोरों के खिलाफ नारे लगाए और उपजिलाधिकारी ईसा दुहन को दस सुत्रीय ज्ञापन के माध्यम से  कार्यवाही की मांग किया। रैली के उपरान्त सिंचाई डाक बंगला में महिला हिंसा के खिलाफ महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि लोक चेतना समिति की निदेशिका रंजू सिंह तथा विशिष्ट अतिथि तनुजा मिश्रा तथा लोक समिति के संयोजक नन्दलाल मास्टर ने दीप जलाकर किया। इस अवसर पर आयोजित सभा में महिलाओं ने महिला हिंसा को जड़ से मिटाने का संकल्प लिया। महिला चेतना समिति कि निदेशिका रंजू सिंह ने कहा कि  अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन बलिया जिला में  जजौली गाँव में सूदखोरों ने दलित महिला को जिन्दा जलाकर मार डाला लेकिन दोषियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नही हुआ  यह केवल एक घटना नही है बल्कि हर गाँव में सूदखोरों और फर्जी फाइनेंस कम्पनियों के जाल में बहुत से गरीब
परिवार तबाह हो रहा है इनके खिलाफ सख्त से शख्त कार्यवाही किया जाना चाहिए। गरीब महिलाओ को उनके चंगुल से अविलम्व मुक्त कराया जाय समाजिक कार्यकर्ती तनुजा मिश्रा ने कहा कि महिलाओं और लड़कियों के साथ आये दिन छेड़खानी और बलात्कार की घटनाएँ हो रही है।नतीजन पनियरा गाँव की बेटी  को आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ा ।इसलिए हमे अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी स्वयं अपनी हाथ में लेनी होगी। मुहीम संस्था की स्वाती सिंह ने कहा कि गाँव  ज्यादातर लोग शराब में डूब चुके है ।और इसका खामियाजा महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है महिलाओं के उपर होने वाली घरेलूहिंसा,उत्पीड़न,बलात्कार,मारपीट,आदि का सबसे बड़ा जिम्मेदार शराब है। शराब को पूरे प्रदेश में बिहार की भांति बंद करने की मांग की।
सभा के अंत में  महिलाओं ने तय किया कि गांव गाँव में सूदखोरों और मनचलों के खिलाफ महिला दस्ता बनाकर अभियान चलाया जायेगा
धरने में मुख्य रूप से रंजू सिंह,तनुजा मिश्रा, विनीता सिंह,,अनीता  सरिता सोनी, आशा,मधुबाला ,शमबानो, प्रेमा,चन्द्रकला,आशा,,ममता,मैनम, कुसुम पूजा,सितारा सुमन,प्रीति,नीतू,सुषमा नन्दलाल मास्टर,अमित,श्यामसुन्दर,विजय,रामबचन,सुनील आदि लोग शामिल रहे। धरने का नेतृत्व अनीता पटेल, संचालन सोनी ,अध्यक्षता सरिता और धन्यवाद ज्ञापन आशा  ने किया।

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