Monday, April 2, 2018

जाने क्या है मधुमेह और प्रदूषण में आपसी सम्बन्ध

कानपुर :-आज भागदौड़ भरी जीवन शैली व खानपान का नियमित न होना मानव जीवन के लिये कई प्रकार की समस्याओं का कारण बना है। बाजार का खाना लोगों के लिये बीमारी का उत्पादन केंद्र बनी है। बाजार का खाना लोगों को तेजी से मोटापे का शिकार बना रहा है। और मोटापा आने से अक्सर लोगों को मधुमेंह जैसी कभी न खत्म होने वाली बीमारी हो जाती है। ऐसे में शहर में लगातार बढ़ता प्रदूषण ऐसे रोगियो को और परेशानी में डाल रहा है। मधूमेह जैसी बीमारी से बचाव के लिये हमें अपनी दिनचर्या व खानपान पर विशेष ध्यान रखना होगा। प्लास्टिक के बर्तनों में खाना खाने के बजाय कांच या स्टील के बर्तनों में खाना खाये। बाजार से लायी सब्जियों को नमक मिले पानी से धोकर ही बनाना चाहिये हो सके तो सब्जी य फल को छील कर खाना चाहिये।
कानपुर डायबेटिक एसोसिशन के तत्वाधान में आज डाक्टर नंदिनी रस्तोगी (प्रेसिडेंट )व डाक्टर भास्कर गांगुली (सेक्रेटरी)ने ये विशेष कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को मधुमेंह जैसी बीमारी से सचेत रहने की जानकारी दी।

No comments:

Post a Comment