Saturday, April 14, 2018

जल्द कई अन्य ग्रहों तक पहुंचने की तैयारी में नासा

वॉशिंगटन: सौरमंडल से बाहर के ग्रहों पर जीवन की तलाश के लिए नासा अगले सप्ताह एक नया उपग्रह प्रक्षेपित करेगा. ‘द ट्रांजिटिंग एक्सोप्लेनेट सर्वे सैटेलाइट’ ( टीईएसएस) को फ्लोरिडा के केप कैनवेरल एयर फोर्स स्टेशन के स्पेस लांच कॉम्पलेक्स 40 से 16 अप्रैल को शाम 6 बज कर 32 मिनट पर प्रक्षेपित किया जाएगा. टीईएसएस के प्रधान अनुसंधानकर्ता जॉर्ज रिकर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है टीईएसएस ऐसे ग्रहों की तलाश करेगा जहां के वायुमंडल की संरचना जीवन के लिहाज से अनुकूल हो सकती है.
मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ( एमआईटी ) द्वारा विकसित उपग्रह का लक्ष्य हजारों ऐसे ग्रहों की तलाश करना है जो हमारे सौर मंडल से बाहर हैं. यह अंतरिक्ष यान फ्रीज के आकार का है और यह चार कैमरे लेकर जाएगा. टीईएसएस लगभग दो साल अपने मिशन पर रहेगा और लगभग पूरे आकाश को खंगालेगा.  सूर्य के करीब पहुंचने की मानव की पहली तैयारी में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा अपना 'पार्कर सोलर प्रोब' जुलाई में लांच करने जा रहा है. 'पार्कर सोलर प्रोब' को फ्लोरिडा स्थित नासा के केनेडी स्पेस सेंटर से लांच कांप्लेक्स-37 से भेजा जाएगा. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने एक बयान में कहा कि दो घंटे का लांच विंडो 31 जुलाई को सुबह चार बजे खुलेगा और उसके बाद 19 अगस्त तक हर दिन सुबह चार बजे से थोड़ा पहले खुलेगा.अंतरिक्ष के लिए रवाना होने के बाद अंतरिक्ष यान सीधा सूर्य के प्रभामंडल यानी कोरोना में पहुंचेगा, जोकि सूर्य के काफी करीब है जहां अब तक कोई मानव निर्मित वस्तु नहीं पहुंच पाई है. सूर्य की सतह से कोरोना की दूरी 38 लाख मील दूर है.इससे पहले 8 मार्च को आई नासा की खबर के मुताबिक दुनियाभर के वैज्ञानिक सुदूर अंतरिक्ष में पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. इंसान के कदम चांद तक पहुंच चुके हैं. अब वहां इंसानी बस्‍ती बसाने की योजना बन रही है. इसके साथ ही मंगल ग्रह पर भी इनसानों को पहुंचाने की तैयारी चल रही है.इसी बीच अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा लोगों के लिए ऐसी संभावना पर विचार कर रही है, जिसके जरिये लोग सूरज तक अपना नाम भेज सकेंगे. यह संभव होगा उसके पार्कर सोलर प्रोब नामक अंतरिक्ष शोध यान के जरिये. इस यान को इसी साल लांच करने की योजना पर काम चल रहा है

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