Friday, April 6, 2018

जापानी बुखार का बढ़ता प्रकोप और जेई टीकाकरण अभियान पर विशेष

जबसे हम विकास की धारा में जुड़कर देश विदेश घूमने लगे हैं तबसे तरह तरह की देशी विदेशी बीमारियां हमारे देश में पनपने और पैर पसारने लगी है।सरकार और समाज दोनों इन आयातित बीमारियों से परेशान हैं और हर साल सैकड़ों लोग बेमौत मर जाते हैं। इनके समूल खात्मे और नियन्त्रण के लिये सरकार हमेशा जुटी रहती है।ज्यौं ज्यौं हम विकासशील हो रहें त्यौं विदेशी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है और तरह तरह के जानलेवा बुखार हमारे देश में फैलने और महामारी का रूप धारण करने लगे हैं। इन बुखारों की वजह से हर साल सैकडों लोगों की मौत हो जाती है और उनका समुचित इलाज नही हो पाता है। इन्हीं बुखारों मे जापानी बुखार भी आता है जो दशकों से पूर्वांचल में मौत का तांडव मचाये हुये है और कोई इन मौतों को नियन्त्रित नहीं कर पा रहा है। सरकार हर साल करोडों रूपये खर्च करती है फिर लोगों को मौत से नहीं बचा पा रही है।जापानी बुखार का प्रभाव बाराबंकी से गोरखपुर तक है और अबतक तमाम मामले पिछले दिनों प्रकाश में आ चुके हैं। गोरखपुर के आसपास यस्ह बुखार दशकों से मौत का ताडंव मचाये हुये है।जापानी बुखार पर नियंत्रण पाने के लिए वेक्सीन टीके की खोज कर ली गयी है और उसी टीके को इस समय अभियान चलाकर एक से पन्द्रह साल तक के बच्चों को लगाया जा रहा है। जेई टीकाकरण यानी  जापानी बुखार टीकाकरण करने का अभियान इस समय सरकार की तरफ से दो से सोदह अप्रैल तक चलाया जा रहा है। इस महाअभियान में उन बच्चों को जेई टीका लगाये जा रहे हैं जो पिछले अभियान में बच गये थे। सरकार ने तो इस जानलेवा बुखार से बचाव के लिए टीके की खोज कर ली है और टीकाकरण अभियान चला रही है लेकिन इसे लक्ष्य प्रदान करने की जिम्मेदारी स्वास्थ विभाग की बनती है। स्वास्थ विभाग अपनी जिम्मेदारी की पूर्ति अपने सबसे निचले पायदान के स्वास्थ्य कर्मी एन एम बहनजी और आशा बहू के माध्यम से अधिकारियों की मानीटरिंग में करवा रही है। मानीटरिंग करने वाले सुपरवाइजर और नोडल अधिकारी की जरा सी असावधानी और आशाबहू एवं एन एम बहनजी की लापरवाही इस अभियान को प्रभावित कर सकती है। अभियान की सफलता सरकारी नौकरी की तरह कार्यशैली अपनाकर नहीं बल्कि दिलोजान से ईश्वरीय कार्य मानकर करने पर निर्भर करती है। इस अभियान की सफलता बिना जनसहभागिता के संभव नहीं है इसलिए हर व्यक्ति का कर्तव्य बनता है कि वह इस महा अभियान महायज्ञ में सहयोग रूपी आहूति डालकर लक्ष्य प्रदान करने में सहभागी बने।हम अपने सभी सुधीपाठकों से निवेदन करते हैं कि सरकार द्वारा जापानी बुखार के खिलाफ इस समय चलाये जा रहे विशेष महा अभियान सहयोग प्रदान कर जापानी बुखार के खात्मा करें। धन्यवाद।। भूलचूक गलती माफ।। सुप्रभात / वंदेमातरम् / गुडमार्निंग / नमस्कार / अदाब / शुभकामनाएं।। ऊँ भूर्भुवः स्वः -----/ ऊँ नमः शिवाय।
          भोलानाथ मिश्र
  वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी।

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