Monday, April 9, 2018

व्यापारी अधिकार रैली में खाली कुर्शियां बयां करती दर्द

राजनीति की दुनिया में जिस प्रकार दिन प्रतिदिन एक न राजनैतिक दल तो दूसरी तरह एक ना एक नए व्यापार मंडल की उत्पत्ति हो रही है। जिससे व्यपारी भी भ्रमित हो रहा है। कि किस व्यापार मंडल के संरक्षण में व्यापारी सुरक्षित रहेगा। और व्यापारी जब व्यापार मंडल से जोड़ता है। तब उसे मालूम पड़ता है कि यह तो थोथा चना बाजे घना पर आधारित है। यह व्यापार मंडल कुछ इसी तरह का नजारा मोतीझील मैदान में देखने को मिला। प्रतिनिधि उद्योग व्यापार मंडल के तत्वाधान में प्रदेश अध्यक्ष अनूप शुक्ला की अध्यक्षता में व्यापारी अधिकार रैली का आयोजन मोतीझील में किया गया। जिस प्रकार प्रदेश अध्यक्ष अनूप शुक्ला महीनों से अधिकार रैली के लिए पूरे प्रदेश में दौरे कर रहे थे। सभा कर रहे थे। सभी व्यापार मंडल सोचने में लग गए थे कि शायद मोतीझील में ऐतिहासिक रैली होगी। लेकिन किसी ने कहा है कि गुब्बारे की अंदर हवा भरी होती है। और उसी हवा के कारण गुब्बारे का आकार बड़ा दिखता है। लेकिन जब उस गुब्बारे से हवा निकल जाती है तो बस पूछिए मत कि क्या नजारा होता है कुछ इसी प्रकार का नजारा आज अधिकार रैली में देखने को मिला कि खाली कुर्सियों के सामने व्यापारी अधिकार रैली का आयोजन किया गया। लेकिन मंच पर मौजूद व्यापारी नेताओं ने जैसे ही खाली कुर्सियां देखी उनके माथे पर पसीना दिखने लगा। और व्यापारी नेता आपस में बात करते नजर आए कि प्रदेश अध्यक्ष अनूप शुक्ला जिस प्रकार दावे कर रहे थे की ऐतिहासिक रैली होगी लेकिन उन दावे की हवा निकल गई। दबी आवाज में व्यापारी बात करते नजर आए कि प्रदेश अध्यक्ष अनूप शुक्ला की नेतागिरी ठंडी पड़ गई। मुख्य खुश उपस्थित अनूप शुक्ला, पवन गौड़, प्रखर शुक्ला हिमांशु गुप्ता सुनील सक्सेना आदि लोग मौजूद रहे*

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