Sunday, April 8, 2018

आबकारी विभाग की सह पर फलता फूलता ओवर रेट का धंधा

गोंडा ब्यूरो पवन कुमार द्विवेदी     गोण्डा. जनपद   में आबकारी विभाग के दरियादिली के कारण सैकड़ो गांवों में 24 घंटे अवैध शराब की भट्ठियां धधकती रहती हैं। जिनसे पूरे जिले में अवैध शराब का धंधा डंके के चोट पर फैला हुआ है। कच्ची व नकली शराब के धंधे ने जिले में कई लोगों को फर्श से अर्श तक पहुंचा दिया है। कई लोगों को सत्ता के गलियारे में ऊंची मुकाम तक पहुंचा दिया है। वैसे तो माझा क्षेत्र अवैध कच्ची शराब कुटीर उद्योग बना हुआ है जो पुलिस और आबकारी विभाग के संरक्षण ने चलाया जा रहा है जहां से प्रति भट्टी के हिसाब से आबकारी विभाग को माहवारी आ रहा है। माझा क्षेत्र के अलावा विभिन्न नदियों का कछार जैसे घाघरा ,सरयू, टेढ़ी, कुआनो ,इटियाथोक ,रुपईडीह ,मुजेहना ,सहित अन्य क्षेत्रों में भी ये धंधा कुटीर उद्योग का रूप ले चुका  हैं। काछार में 24 घंटे हजारों की संख्या में भट्टियां धधकती हैं। इन भट्टियों से जहां शराब माफिया विभाग से मिली भगत कर लाखों की कमाई कर रहे हैं वहीं एक एक भट्टी पर दर्जनों की संख्या में मजदूर भी कार्य कर रहे हैं।

मिलावटी व नकली शराब भी आबकारी के संरक्षण में चढ़ती है परवान

जिले में केवल कच्ची शराब ही नही नकली शराब भी बनाकर उसे विभाग के संरक्षण में चोरी छिपे नही डंके के चोट पर सुदूर अंचल के गांव कस्बो के सरकारी दुकानों पर बिक्री कराई जाती है। जिसका मैनेज न होने पर स्वयं विभाग ने ही पकड़ा और मीडिया के वायरल करने पर कई दिनों के बाद खुलासा किया गया। यही नही नकली शराब को ब्रांडेड शराब के मोनोग्राम होलो ग्राम का लेबल लगा कर बेचा जाता है। जिसका भी विभाग ने सेटिंग न होने पर भंडा फोड़ किया गया है।

छापे मारी कर माहवारी देने के लिये बनाया जाता दबाव

जिले के दर्जनों गांवों में आबकारी विभाग ने छापेमारी कर सैकड़ो लीटर शराब बरामद की। इससे तो यह साबित हो ही गया कि कच्ची शराब का कारोबार युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है लेकिन छापेमारी के बाद शराब बनना बन्द नही हुआ बल्कि वो भट्टियां विभाग के संरक्षण में चलने लगी। शराब व्यवसायीयों से बात करने पर अपना नाम न छापने के शर्त पर बताया कि शराब बनाने के लिए छापे मारी नही की गई है माहवारी के लिए छापेमारी की गई अभी तकपुलिस को माहवारी जाती थी और अब आबकारी को भी जाने लगा है।

मैनेज न होने पर पकड़ा जखीरा

मुखबिर की सूचना पर गन्ने के नीचे छुपा कर लाई जा रही दो ट्रैक्टर ट्राली में लगभग 365 पेटी अंग्रेजी शराब की बरामदगी कर एक आरोपी को हिरासत में लेकर गहनता से पूछताछ की जा रही है। जो शराब की खेप है पंजाब के पटियाला से निर्मित है। बड़े पैमाने पर इसकी तस्करी होती है जितनी शराब पकड़ी गई है उसकी कीमत दस लाख रुपए आंकी जा रही है । जिले में शराब माफिया हावी है और यदि वो विभाग को नजरअंदाज करते तो जिले की आबकारी टीम भी धर पकड़ कर कारवाई करने में पीछे नहीं रहती है जिसके चलते एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है । पकड़े गए 365 पेटी अंग्रेजी शराब की कीमत लगभग 1000000 रुपए आंकी गयी है। जो पंजाब के पटियाला से निर्मित विस्की दो ट्रैक्टर-ट्रालियों में गन्ने के नीचे छुपा कर ले जाई जा रही थी। इसमें एक आदमी की भी गिरफ्तारी हुई है वह बता रहा है कि हम लोग बहराइच से लाए हैं किसी ने ट्रैक्टर समेत शराब दे दिया है।

क्या कहना है पुलिस क्षेत्राधिकारी व आबकारी अधिकारी का

पुलिस क्षेत्राधिकारी भारत लाल यादव ने बताया कुछ तस्कर शराब माफिया पंजाब प्रांत के पटियाला की निर्मित रायल पटियाला ब्रांड की इंग्लिश शराब अवैध तरीके से चोरी छिपे लखीमपुर से गोपालगंज बिहार ले जा रहे थे कि सूचना मिलने पर टीम ने चेकिंग कर दो गन्ना लदी ट्रैक्टर ट्रॉली से करीब दस लाख कीमती की 365 पेटी शराब बरामद कर एक तस्कर को मौके से गिरफ्तार कर लिया l शराब माफिया कोकिन राम गोपालगंज बिहार का रहने वाला है l यह धंधा कई विभागों के लिए कमाऊ पूत की तरह है ।

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