Saturday, May 12, 2018

उन्नाव गैंग रेप केस में पुलिस ने बरती लापरवाही सीबीआई को मिले अहम सबूत

लखनऊ : उन्नाव गैंगरेप मामले में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ सीबीआई को कई अहम सबूत मिले हैं। सीबीआई के मुताबिक, उसके हाथ ऐसे सबूत लगे हैं जिससे यह साबित होता है कि कुलदीप सिंह सेंगर गैंगरेप में शामिल था। यही नहीं सीबीआई को इस मामले में पुलिस द्वारा बरती गई लापरवाही के भी सबूत मिले हैं।पीड़िता ने 164 के तहत दर्ज बयान में घटना का जो ब्यौरा दिया था उसके तहत सीबीआई ने पूरे घटनाक्रम की जांच की। जांच के दौरान सीबीआई ने पाया कि पीड़िता ने बीजेपी विधायक पर जो आरोप लगाए हैं, वह सही हैं। सीबीआई का कहना है कि फोरेंसिक जांच के हिसाब से भी पीड़िता द्वारा बीजेपी विधायक पर लगाया गया आरोप सही पाया गया है।सीबीआई को इस मामले में पुलिस की लापरवाही के भी सबूत मिले हैं। जांच में सीबीआई ने पाया है कि पहली बार दर्ज करवाई गई एफआईआर में पुलिस ने आरोपी विधायक का नाम शामिल ही नहीं किया था। गौरतलब है कि सीबीआई के पास जांच के लिए इस वक्त जो मामला है, वह आरोपी बीजेपी विधायक के खिलाफ दर्ज चौथी एफआईआर थी। जांच में यह भी पाया गया है कि केस को लटकाए रखने और आरोपी बीजेपी विधायक को बचाने के लिए पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराने में भी देरी की थी।
इस बीच इस मामले में पीड़िता का भी बयान आया है। मीडिया से बात करते हुए पीड़िता ने कहा, “मेरे साथ बलात्कार और मेरे पिता की हत्या के आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के लिए मैं मौत की सजा की मांग करती हूं।”
वहीं पीड़िता के चाचा ने कहा, “हम अपने परिवार के लिए सुरक्षा की मांग करते हैं, ताकि निडर होकर हम अदालत के समक्ष अपना बयान दर्ज करा सकें। साथ ही हम यह भी चाहते हैं कि आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को मौत की सजा मिले।”
अब तक इस मामले में सीबीआई आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में विधायक के भाई अतुल सेंगर और बीजेपी विधायक की सहयोगी रही महिला शशि सिंह समेत कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है।

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