Saturday, May 19, 2018

अपहरण कांड के खुलासे के साथ ही खुलने लगी कलई

आदर्श दुबे की रिपोर्ट
देवरिया : देवरिया खास निवासी दीपक अपहरण कांड के खुलासा होने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष के कारनामा अब सामने आने लगा है और जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर आसीन होने के बाद किए गए अवैध कार्याें का राज परत-दर-परत खुलने लगा है।
ईंट भट्ठा व्यवसाय से राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव कुछ ही साल में भू-माफिया बन गया। पहले तो वह लोगों को दबाकर सस्ती जमीन को लिखवाने का कार्य शुरू किया, लेकिन बाद में जब राजनीतिक पैठ उसकी मजबूत हुई तो वह सरकारी जमीन पर भी कब्जा जमाने लगा। केंद्रीय विद्यालय के नाम की जमीन में से पांच एकड़ जमीन पर खुद कब्जा जमा लिया, सत्ता में मजबूत दबदबा होने के चलते कोई इस जमीन को खाली कराने की हिम्मत तक नहीं जुटा पाया और बजट पास होने के बाद भी केंद्रीय विद्यालय का निर्माण जमीन के अभाव में नहीं हो सका है। इसके अलावा शहर में स्थित कई सरकारी जमीनों पर भी जिला पंचायत अध्यक्ष का अवैध कब्जा है। जिला प्रशासन अब ऐसी जमीनों का भी खाता तैयार करना शुरू कर दिया है, जिस पर जिला पंचायत अध्यक्ष का अवैध कब्जा है। उससे भी जल्द अवैध कब्जा हटाने की जिला प्रशासन की योजना है।देवरिया में दीपक अपहरण कांड के खुलासे के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा कुर्सी की आड़ में जो कारस्तानी की है, वह अब सामने आने लगा है। लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष तक ही यह केवल सिमट कर नहीं रह गया है। अगर सही से जांच हो तो देवरिया में कुछ और सफेदपोश भी इस तरह के कार्य में शामिल रहे हैं और उनका भी चेहरा बेनकाब हो चुका है। कई जनप्रतिनिधि भी कुर्सी के बल पर जमीनों को या तो औने-पौने दाम पर अपने नाम करा लिए हैं या फिर कब्जा करा चुके हैं।

No comments:

Post a Comment