Saturday, May 19, 2018

देवरिया जिला जेल में कैदियों के प्रताड़ना मामले में प्रसाशन हुआ सख्त

आदर्श दुबे की रिपोर्ट
देवरिया : देवरिया जिला जेल में 2013 में बंद रहे हत्या के दो आरोपित सगे भाइयों को प्रताड़ित करने के मामले को मानवाधिकार ने गंभीरता से ले लिया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सुनवाई के बाद राज्यपाल ने दोनों बंदियों को 25-25 हजार रुपये दिए जाने की संस्तुति कर दी है। साथ ही यह रुपया दोषी से ही वसूल करने का निर्देश दिया है। इसका पत्र जिला जेल प्रशासन के पास आने के बाद हड़कंप मच गया है।
बलिया जनपद के हल्दी थाना क्षेत्र के ग्राम चैन छपरा निवासी अवनीश चौबे व मुन्ना चौबे 14 जुलाई 2012 को हत्या के मामले में बलिया से देवरिया जेल में शिफ्ट हुए और 26 अगस्त 2013 को पुन: बलिया जेल वापस हो गए। इस बीच 2013 में ही देवरिया जेल में बंद होने के दौरान ही यहां तैनात रहे एक डिप्टी जेलर ने दोनों को प्रताड़ित किया और पिटाई भी की। इसकी शिकायत अवनीश चौबे की मां श्रीमती तारा देवी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग दिल्ली में की और जेल प्रशासन से भी की। जांच हुई और जांच में भी मामला सही पाया गया। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दोनों कैदियों को 25-25 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का निर्देश दिया। अब जेल प्रशासन को उत्तर प्रदेश शासन के अनु सचिव डा.गिरीश चंद्र खरे ने पत्र भेज कर कहा है कि राज्यपाल द्वारा दोनों कैदियों को 25-25 हजार रुपये देने की संस्तुति कर दी है। साथ ही इस मुआवजा के समतुल्य धनराशि दोषी पाए गए कर्मियों से वसूल कर राजकोष में जमा कराया जाए। जिलाधिकारी देवरिया, कोषाधिकारी देवरिया समेत अन्य अधिकारियों को भी इससे संबंधित आदेश दे दिया है। जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय ने कहा कि इससे संबंधित आदेश आ गया है।

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