Tuesday, May 22, 2018

मनुष्य और मनुष्यता पर विशेष लेख भोला नाथ मिश्रा की कलम से

जिस तरह आम के वृक्ष की पहचान उसके फलों से होती है उसी तरह मनुष्य की पहचान उसकी मनुष्यता से होती है।जिस तरह आम के पेड़ में नीम के फल नहीं हो सकते हैं उसी तरह मनुष्य में हैवान शैतान के गुण नहीं हो सकते हैं। अगर इंसान  में इंसानियत के लक्षण नहीं हैं तो वह मनुष्य कभी नही हो सकता है। इंसान की शक्ल में अगर कोई मनुष्य शैतानियत करता है तो निश्चित तौर पर मनुष्य की खाल ओढ़े रंगे सियार के बराबर होता है। धन्यवाद।। भूलचूक गलती माफ।। सुप्रभात / वंदेमातरम् / गुडमार्निंग / नमस्कार / अदाब / शुभकामनाएं।। ऊँ भूर्भुवः स्वः --------/ ऊँ नमः शिवाय।।।
       भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी।

No comments:

Post a Comment