Monday, May 7, 2018

गर्मियों में पानी की तलाश में हो रहीं दुर्लभ हिरणों की

गोंडा ब्यूरो पवन कुमार द्विवेदी            गोंडा जनपद के इटियाथोक क्षेत्र में लगातार हिरणों के मौत का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है ,महज कुछ दिनों में तीन मामले प्रकाश में आये है ,वही वनविभाग कारणों का पता न लगाकर मामले को रफा दफा करने में लग जाता है ।इस समय इतनी भीषण गर्मी पड़ रही है ,तालाब पोखरे सब सूख गए है ,पानी की तलाश में जंगल के प्राणी मैदानी भागों में आते है ,कुत्तो व कुछ जानवर रूपी इंसानों के शिकार हो जाते है  ।वही वन विभाग के लोगो को पानी की व्यवस्था करनी चाहिए लेकिन उसे न करके मामले को दबाने में ज्यादा रहते है ,वे भूल जाते है कि सरकार उन्हें जानवरो व पेड़ो की रक्षा करने के लिए मोटी रकम दे रही है ।आज की घटना इटियाथोक कोतवाली के गोसेन्द्र पुर ग्राम पंचायत में घटी प्राप्त जानकारी के अनुसार एक हिरण के मृत होने की सूचना ग्रामीणों ने 100 नंबर पुलिस ,व वन विभाग को दी ,मौके पर पहुँची 100 नंबर ,व वन विभाग के लोगो ने आनन फानन में मृत हिरण को दफ़नवा दिया ,इस बारे में जानकारी दी गयी कि कुत्तों ने काटा है ।इस बात को मान लेते है कि कुत्ते ने काटा है ,लेकिन इन कारणों पर विचार आवस्यक है कि बार बार ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो रही है उसके बाद भी विभाग के लोग उन कारणों को दूर करने के लिए तैयार नही है ।इस कारण है इन हिरणों की मौत अपरोक्ष रूप से वन विभाग के लोग दोसी है ।

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