Monday, May 28, 2018

हादसों को दावत देते बिजली के खुले तार अधिकारी बने मूकदर्शक

दिलीपपुर/प्रतापगढ़

विद्युत विभाग के अफसरों की लापरवाही से ग्रामीणों की जान जोखिम में है। रिहायशी इलाकों में हाई वोल्टेज तारों से दौड़ता करंट लोगों में सिहरन पैदा कर देता है। सिर पर नाचती मौत का ख़ौफ लोगों के चेहरों पर साफ झलकता है। हाईवोल्टेज तारों के नीचे कोई सुरक्षा जाल नहीं होने  व तारो की ऊंचाई कम होने  से ग्रामीणों के साथ साथ सड़क से गुजरने वाले लोग भी किसी अप्रिय घटना की आशंका से परेशान रहते हैं। ग्रामीणों ने जिले के प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों से शीघ्र ही सुरक्षा हेतु उचित कदम उठाए जाने की मांग की है।
केंद्र व राज्य सरकार की प्रत्येक गांव के विद्युतीकरण की महत्वाकांक्षी योजना को उसके अफसर ही पलीता लगाने में जुटे हैं। इसका जीता जागता उदाहरण बेलखरनाथ ब्लाक की बसीरपुर ग्राम सभा में देखने को मिलता है जहां अधिकारियों ने मानकों को ताक पर रखकर अपने काम को अंजाम दे दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में 11000 वोल्टेज की लाइन सड़क किनारे से निकाली गई है। इन तारों की रगों में बहता करंट लोगों को भयभीत करता है। बसीरपुर निवासी कृष्ण कुमार उमरवैष्य का कहना है कि यह तार कभी भी लोगों की जान ले सकते हैं क्योंकि इनके टूटने पर नीचे कोई सुरक्षा कवच नहीं है। गांवों में आए दिन आंधी तूफान आते रहते हैं। ऐसे में इन तारों पर कभी भी कोई भारी वाहन या पेड़ गिर इन्हें क्षतिग्रस्त कर सकता है। जिसकी बानगी 2 दिनो पहले देखने को मिली जिसमे ट्रक मे फंसकर 11000 बोल्ट का तार घसीटता चला गया गलीमत रही कि उस समय विद्दुत सप्लाई बन्द थी नही तो किसी बड़े हादसे से इन्कार नही किया जा सकता था । टूटे तारों से करंट सड़क पर उतर सकता है। लापरवाह विद्युतीकरण अधिकारियों की मंशा और उनकी कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाता है। गांव के ही  रामअजोर शुक्ला का आरोप है कि विद्युतीकरण के नाम पर गांव में चंद घरों को रोशन कर दिया गया। गांव का अधिकांश भाग अंधेरे के साए में गुजर कर रहा है। घर-घर को रोशन करने के सरकार के दावे खोखले नजर आ रहे हैं। यहां तो विद्युत खंभों से लेकर ट्रांसफार्मर तक के लिए अधिकारियों को कमीशन देनी पड़ती है। कई बार ग्रामीणों को लकड़ी की बल्लियों से विद्युत तार  घरों तक ले जाने पड़ते हैं। अधिकारियों की मनमानी से ग्रामीणों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि वह गांव का शत- प्रतिशत विद्युतीकरण सुनिश्चित करें, खतरनाक विद्युत तारों के नीचे सुरक्षा जाल लगाया जाए, तथा गांव में समुचित संख्या में स्ट्रीट लाइट लगाई जाए। ग्रामीणों ने चेताया है कि यदि अधिकारियों ने उनकी मांगों पर उचित कार्यवाही नहीं की तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।।

अनिल पाण्डेय की रिपोर्ट

No comments:

Post a Comment