Monday, May 7, 2018

मध्यप्रदेश के सतना में विश्वकर्मा समाज का सामूहिक विवाह समारोह आयोजित

सतना।विश्वकर्मा समाज का सामूहिक विवाह एवं परिचय सम्मेलन मध्यप्रदेश के सतना जिला के टाउनहाल में सम्पन्न हुआ।सम्मेलन के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के पूर्वमन्त्री एवं अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राम आसरे विश्वकर्मा थे।कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री सुदामा प्रसाद विश्वकर्मा तथा संचालन मणि प्रसाद विश्वकर्मा ने किया।मुख्य अतिधि श्री राम आसरे विश्वकर्मा ने कहा कि आज विश्वकर्मा की पहचान संकट में है।सामाजिक एकता न होने और राजनैतिक भागीदारी न मिलने से समाज का अस्तित्व संकट में है।विश्वकर्मा समाज के रोजगार और लोहे लकडी का कारोबार विश्वकर्मा से छिन गया गया है और बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के कब्जे में चला गया है।कुटीर उद्योगों के संरक्षण के लिये सरकार ने कोई  नीति नहीँ बनायी।विश्वकर्मा समाज बेरोजगार होकर भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है।हमारी आवाज सरकार और संसद तक पहुचाने के लिये समाज का कोई  जनप्रतिनिधि विधानसभा और लोकसभा में नहीं है।हमें  अपनी आबादी के अनुसार लोकसभा विधानसभा और सरकार में हिस्सेदारी चाहिये।सरकारी नौकरियों आइएएस और पीसीएस में आबादी के अनुसार समाज का प्रतिनिधित्व होना चाहिये।यह सब राजनैतिक सम्मेलनो और आन्दोलनों से अपनी हिस्सेदारी के लिये संघर्ष करने से मिलता है।हम केवल विश्वकर्मापूजा और सामूहिक विवाह करके और समाज को एकत्र करके संतुष्ट हो जाते है और राजनैतिक सम्मेलन कभी नही करते।श्री विश्वकर्मा ने कहा कि उत्तरप्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार में आपको भागीदारी मिली और आपको पहचान मिला।माननीय अखिलेश यादव जी व माननीय मुलायम सिंह यादव जी में जब हमें विधान परिषद में भेजा और सपा सरकार में मन्त्री बनाया और विश्वकर्मा समाज को हिस्सेदारी दी तब जाकर विश्वकर्मा समाज का सम्मान बढा।विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी घोषित करके विश्वकर्मा समाज की पहचान बनायी।श्री विश्वकर्मा ने पूछा कि अगर आप अपना वोट देकर दूसरो को विधायक बना सकते है तो अपने प्रत्याशी को वोट देकर विधायक क्यों नहीँ बना सकते।सभी राजनैतिक दलो को भी प्रत्येक समाज को जनसंख्या के अनुसार टिकट देना होगा वरना समाज का वोट उन्हें नहीँ मिलेगा।श्री विश्वकर्मा ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री अखिलेश यादव को बधाई दिया कि उन्होंने सभी जातियों की जनगणना कराने व जनसंख्या के अनुसार सभी को अधिकार देने का मुद्दा उठाया है।सम्मेलन को राम नरेश विश्वकर्मा हरीश शर्मा वीपी विश्वकर्मा सी आर विश्वकर्मा सोखी लाल विश्वकर्मा महेन्द्र विश्वकर्मा ओमप्रकाश विश्वकर्मा चन्द्र प्रकाश विश्वकर्मा राम बाई विश्वकर्मा सन्तोष विश्वकर्मा ने सम्बोधित किया। शिव प्रकाश विश्वकर्मा।

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