Saturday, June 30, 2018

झोला छाप डॉक्टर की मनमानी से 12 साल की बच्ची का जीवन बर्बाद

आदर्श दुबे की रिपोर्ट
गोरखपुर
बताते चले की थाना गगहा क्षेत्र के ग्राम गजपुर बाजार निवासी रिता देवी पत्नी दयाशंकर की 12वर्षीय पुत्री के पेट मे अचानक तेज दर्द होने लगा वहीं के एक मेडिकल चला रहे युवक जीसका नाम है प्रमोद बीश
वकर्मा वह उन लोगों को ले कर हाटा बाजार स्थित यूवराज नर्सिंगहोम गया यूवराज नर्सिंगहोम के डॉक्टर उपेन्द् प्रजाति ने बीना कोई जॉच रिपोर्ट कराये कहा कि आप की बच्चि को अपेन्डिस है औऱ छोटा सा आपरेशन होगा जीसका खर्च 20 हजार रूपए आयेगा औऱ आप की बच्ची ठिक होजाएगी। उस पिडित बच्ची की मॉ ने बीस हजार रूपये जमा कर दीया छोटे से आपरेशन के बजाए उस बच्ची का पुरा पेट ही फाड डाला फिर भी उस बच्ची का दर्द नहीं गया एक हफ्ता ऐडमिट कीया फिर कहा दुसरा एक औऱ छोटा सा आपरेशन करना पडेगा तब उस बच्ची की मॉ को आशंका हुई औऱ उसने कहा अब हमारी बच्ची का दुसरा आपरेशन नही करायेंगे फिर वह अपनी बच्ची को लेकर गोरखपुर शाही ग्लोबल अस्पताल गई वहाँ के डॉक्टर जॉच कर दुरबीन्द द्वारा एक छोटा सा आपरेशन किए औऱ बच्ची ठीक हो गई लेकीन यूवराज नर्सिंगहोम ने जो बच्ची का पेट फाड दीया उसकी वजह से अब उस बच्ची का जीवन बर्बाद हो गया अब उस बच्ची के जीवन मे शादी विवाह को लेकर तमाम समस्या उत्पन्न हो गई इसका जीम्मेदार कौन ऐसे झोला छाप डॉक्टरो पर कडी से कडी कार्यवाही कर अस्पताल सीज करना चाहिए।

No comments:

Post a Comment