Tuesday, June 26, 2018

सफेद दाग के कारणों की जानकारी और डिप्रेशन से बचाव

इन्डियन एसोसियेसन ऑफ डर्मोटोलोंजिस्ट एंड लेप्रोलो जिस्ट विश्व का दूसरा सबसे बड़ा एसोसियेसन ववहै दिल्ली में 22 जून को विश्व विटिलिगो दिवस मनाते हुए I A D V L की प्रेजिडेंट मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर डा. रश्मि सरकार और सेक्रेटरी डा. कृष्णा देब. बर्मन तथा AIIMS के त्वचा विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफे. डा. सोमेश गुप्ता एवं सर गंगा राम होस्पिटल के त्वचा विज्ञानी एवं मीडिया सेल के प्रेजिडेंट डा. रोहित बत्रा ने अपने नई तकनीकी एवं उपचारों पर विचार व्यक्त किये उन्होंने बताया क़ि विटिलिगो एक त्वचा विकार है भारत की 8.8%आबादी इस बीमारी से प्रभावित है यह शरीर में मेलेनोसाइट्स के मरने पर सफ़ेद धब्बे के रूप में पैदा होती है जिस जिस जगह पर धब्बे होते है वहां सूरज की रोशनी का सीधा प्रभाव पड़ने से ये बढ़ने लगती है जिसका समाज पर उसका बुरा असर पड़ता है  वितिलिगो का कारण अनुवांशिक एवं पर्यावरणीय कारक् तथा सनबर्न मुख्य है इसके इलाज़ के लिए तोपिकल, विभिन्न सर्जरी, लेजर चिकित्सा,एवं अन्य वैकाल्पिक विचार उपलब्ध है
डा. सोमेश गुप्ता के अनुसार सफ़ेद धब्बे वाले पीड़ित व्यक्ति में डिप्रेशन  नींद में परेशानी आत्महत्या जैसे विचार आपसी संबंधों में कठिनाइयाँ देखने को मिलती है इन्डियन एसोसिएसन ऑफ़ darmotologist एंड लेप्रोलोगिस्ट के अनुसार जनता को इस रोग के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता है
कि ये संक्रामक रोग नहीं  इसे छूने या संपर्क में आने से नहीं फैलता ये टोपिकल दवाएं फोटो थेरेपी u v विकिरण उपचार इम्मुनो स्प्रेसिवे एजेंट और रोग सम्बंधी प्रक्रियाओं सहित कई उपचार उपलब्ध है

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