Monday, June 18, 2018

कोतवालीयो में अतिरिक्त कोतवाल की तैनाती पर विशेष

पुलिस की भूमिका धीरे धीरे भोजन के नमक जैसी महत्वपूर्ण होती जा रही है और हर स्तर हर पर पुलिस की माँग दिनों दिन बढ़ती जा रही है।एक समय था कि एक थानाध्यक्ष थाने की समस्त कारगुजारियों का क्रियान्वयन अपने इनेगिने सहयोगियों के साथ कर लेता था लेकिन अब स्थिति पहले जैसी नहीं है और अब अधिकांश थानों को कोतवाली बना दिया गया है और बड़े दरोगा का स्थान कोतवाल साहब ने ले लिया है। थाना से कोतवाली बनते ही पुलिस कर्मियों के पद एवं संख्या आटोमेटिक बढ़ गये हैं। अब तक कोतवाल को सहयोग देने के लिये सीनियर सब इंस्पेक्टर एसएसआई के रूप में रहता है लेकिन आने वाले दिनों कोतवाल को सहयोग देने के लिए एक एसएसआई की जगह एक ही कोतवाली में चार कोतवाल रहेगें। इनमें एक विंग कमांडर होगा और तीन उसके सहयोगी की भूमिका निभाकर विभिन्न उत्तरदायित्वों का निर्वहन करेंगें।इस सम्बंध में अभी तीन दिन पहले डीजीपी ओपी सिंह ने इस नयी परम्परा की शुरुआत करने का ऐलान किया गया है। यूपी पुलिस की बढ़ती माँग एवं चुनौतियों से निपटने के लिए कोतवालियों में अतिरिक्त पुलिस इंस्पेक्टर तैनात करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है।यह तीनों अतिरिक्त या एडिशनल कोतवालों के अलग अलग तीन महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां  प्रशासन ,कानून व्यवस्था और अपराध का जिम्मेदार अगुवा या प्रभारी बनाया गया है। इस नई पुलिस व्यवस्था को शुरुआती दौर में क्षेत्राधिकारी मुख्यालयों से जुड़े चार सौ चौदह कोतवालियों में लागू किया जायेगा और बाद में इसका विस्तार करने की योजना है। पुलिस की इस नयी प्रणाली निःसंदेह एक सराहनीय योग्य कदम है क्योंकि वर्तमान समय में पुलिस की जिम्मेदारियां बढ़ती ही जा रही है।इस नयी पुलिस व्यवस्था का लाभ पुलिस विभाग को भी मिल जायेगा और उसके प्रमोशन करके लटक रहे इंस्पेक्टरों को तैनाती भी मिल जायेगी।साथ ही पुलिस की हर जिम्मेदारियों का निर्वहन तीव्र गति से होगा और पुलसिंग प्रणाली में एक नयी स्फूर्ति आ जायेगी।लेकिन कहते हैं कि एक जंगल में दो शेर नही रह सकते हैं उसी तरह एक कोतवाली में चार कोतवालों का एक साथ रहना एक नया प्रयोग ही कहा जा सकता है और इसकी सफलता भविष्य के गर्त में छिपी है आने वाला समय ही बतायेगा कि इस पुलिसिंग प्रणाली से  कितनी सफलता मिलती है। धन्यवाद।। भूलचूक गलती माफ।। सुप्रभात / वंदेमातरम् / नमस्कार / अदाब / शुभकामनाएं।। ऊँ भूर्भुवः स्वः ---------/ ऊँ नमः शिवाय।।।

              भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी।

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