Saturday, June 9, 2018

आगामी लोकसभा चुनाव और सीएम के गांव चलो अभियान पर विशेष

यह सही है कि सरकार सरकारी तंत्र की मनमानी घूसखोरी के चलते जनपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर पा रही है और जनपेक्षाओं के अनुरूप बदलाव नहीं आ पा रहा है। न ही सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार समाप्त हो पा रहा है और न ही सरकारी योजनाओं का लाभ ही बिना रिश्वत मिल पा रहा है।लगता है कि जितना मुख्यमंत्री पाक साफ छबि बनाने का प्रयास करते हैं उनके कुछ अधिकारी कर्मचारी उसे उतना ही उसे खराब करने पर तूले है।शायद यही कारण है कि सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी छबि सुधर नहीं पा रही है और सरकार बैठे बिठाये मुफ्त में बदनाम हो रही है।कुछ अधिकारियों कर्मचारियों की मनमानी एवं रिश्वतखोरी सरकार को कलंकित कर रही है और जनता उसके करीब आने की जगह उससे दूर होती जा रही है। आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे मुख्यमंत्री योगीजी लगता है कि अब ऐसे अधिकारियों की मनमानी पर लगाम लगाने के मूड में आकर एक्शन में आ गये हैं। पिछले महीने गेंहूँ खरीद के दौरान मुख्यमंत्री ने इसकी शुरुआत कर दी थी अब इसमें गति आ गयी है और वह खुद गाँवों का दौरा करके सीधे जनता से संवाद कर जमीनी हकीकत देखने जुट गए हैं।इसके लिए गाँवों में चौपाल लगाने का दौर शुरू हो गया है तथा विकास कार्यक्रम की समीक्षा एवं प्रधानों से वार्ता करने लगे हैं। चौपालों में लोगों द्वारा जनता द्वारा बेझिझक एवं बेहिचक कही जाने वाली बातें योगीजी के लिये टानिक बन रही हैं और वह अपनी छबि को सुधारने के लिए लापरवाह भ्रष्टाचार में डूबे अधिकारियों को बलि चढ़ाने लगे हैं। अभी पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने गोण्डा और मैनपुरी का दौरा किया था और दौरे के बाद दोनों जिलों के जिलाधिकारियों के साथ नौ उच्चाधिकारियों को निलंबित एवं तीन के खिलाफ अनुशासकीय कार्यवाही प्रस्तावित करने के साथ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने पहली बार एक साथ इतनी सख्त कार्यवाही दोनो जिलों में गेंहू खरीद में गड़बड़झाला के चलते की है जो उनकी आगामी आक्रामक शैली की परिचायक मानी जा रही है। लोगों का मानना है कि अगर मुख्यमंत्री ने सरकारी व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार मनमानी लापरवाही पर रोक नहीं लगाई तो उसका विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। अधिकारियों की मनमानी की शिकायतें जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार की जा रही हैं और कैराना लोकसभा चुनाव की हार की ठीकरा वहाँ के अफसरों पर फोड़ा जा चुका है। इसी तरह कुछ अधिकारियों की मिली भगत से हो रहे अंधाधुंध बालू खनन की शिकायत गोंडा के सासंद जी भी कर चुके हैं।कई विधायक और मंत्री भी अधिकारियों की मनमानी और भ्रष्टाचार की शिकायतें समय समय पर करते रहे हैं। वैसे सभी जानते हैं कि चौपाल के आयोजन सरकारी साये में होते हैं और उसमें प्रायः अधिकारियों के द्वारा बुलाये गये लोग ही शामिल होते हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा शुरू किये गये गाँव जिला चलो अभियान और कड़े तेवर  अधिकारियों के लिये एक संदेश माना जा रहा है। धन्यवाद।। भूलचूक गलती माफ।। सुप्रभात /वंदेमातरम् / गुडमार्निंग / नमस्कार / अदाब / शुभकामनाएं।। ऊँ भूर्भुवः स्वः -------/ ऊँ नमः शिवाय।।।
            भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी।

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