Thursday, June 7, 2018

बढ़ती पुलिस की लोकप्रियता और बिजली थानों पर विशेस

तमाम विसंगतियों के बावजूद पुलिस की लोकप्रियता एवं प्रासंगिकता घटने की जगह लगातार बढ़ती जा रही है और लोग एक मुँह से पुलिस की बुराई करते हैं तो दूसरे मुंह से उसी पर विश्वास करके उससे न्याय एवं बचाव की गुहार लगाते हैं। समाजिक और सरकारी ऐसा कोई अंग नहीं है जिसे पुलिस की जरुरत न पड़ती हो और वह पुलिस की मांग न करता हो। समय की मांग के अनुरूप समाजिक क्षेत्रों में पुलिस क्षमता का लगातार संवर्धन हो रहा है और थानों को कोतवाली का दर्जा देने का दौर चल रहा है।पुलिस  बदलते दौर में सम्भ्रांत बड़े लोगों एवं नेताओं के लिये स्टेट सिंबल बन गयी है और उसे हर कोई अपना बाडीगार्ड बनाना चाहता है। तमाम लोग अपनी शान शौकत के लिये सरकारी मानक के आधार पर पैसा जमा करके पुलिस को बाडीगार्ड बनाने में संकोच नहीं करते हैं।पुलिस की बढ़ती मांग के चलते पुलिस का विभाजन करके उसे विभिन्न विभागों को उनके हितों की रक्षा करने के लिए उनके खर्चे पर दे दिया गया है।इस अलावा फारेस्ट विभाग ने अपनी समांतर पुलिस का गठन कर रखा है और उसके भी वनदरोगा खाकी बिल्ला लगी वर्दियाँ पहनकर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी तरह आग बुझाने के लिये अग्निशमन वर्दीधारी पुलिस तो नदियों में सुरक्षा प्रदान करने के लिये जल पुलिस का भी गठन पहले से ही सरकार ने कर रखा है इसके बावजूद नागरिक पुलिस का हस्तक्षेप हर क्षेत्र में रहता है। बिजली चोरी और सुरक्षा के लिए विद्युत विभाग भी पुलिस की मदद लेती है और परिवर्तन दल के रुप में विद्युत सुरक्षा एवं चोरी रोकने के लिए छापेमारी करती है। सरकार के तमाम प्रयासों के बाद बिजली की चोरी समाप्त नहीं हो पा रही है क्योंकि उसके पास इतने परिवर्तन दल नहीं है जिससे लगातार नजर रखी जा सके।समस्या के निदान की दिशा में केन्द्रीय बिजली मंत्री ने एक नयी पहल पर गौर करते हुए योगीजी की सरकार ने उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर 75 बिजली थाने खोलने का फैसला किया गया है जो एक सराहनीय स्वागत योग्य कदम है। यह सही है कि अबतक बिजली चोरी के मामलों की विवेचना पुलिस की व्यस्तता के चलते ठीक से और समयबद्ध तरीके से नहीं हो पाती थी। हर जिले में बिजली थाना खुलने से निश्चित तौर पर जहाँ विवेचना जल्दी होगी और बिजली चोरी रोकने में मदद मिलेगी।इस समय बिजली विभाग के पास मात्र 33 प्रवर्तन दल हैं और 55 को स्वीकृत मिल चुकी है। हर जिले में खुलने जा रहे बिजली थानों मे कुल 28 पुलिस कर्मी तैनात किये जायेंगे तथा तैनाती के लिए सरकार ने करीब 22 सौ पदों का सजृन किया गया है। इस बिजली पुलिस बल का पूरा खर्च प्रवर्तन दल की तरह विद्युत कारपोरेशन को उठाना पड़ेगा।बिजली चोरी एक ऐसी समस्या है जिसका निदान नहीं हो पा रहा है क्योंकि बिजली की चोरी हर स्तर पर होती है।बिजली की चोरी उद्योग धंधों राजनैतिक क्षेत्रों एवं अधिकारियों द्वारा सबसे ज्यादा की जाती हैं।ग्रामीण क्षेत्रों की अपेक्षा शहरी क्षेत्रों में बिजली की चोरी अधिक होती है क्योंकि बिजली की खपत सबसे अधिक वहीं होती हैं। धन्यवाद।। भूलचूक गलती माफ।। सुप्रभात / वंदेमातरम् / गुडमार्निंग / नमस्कार / अदाब / शुभकामनाएं।। ऊँ भूर्भुवः स्वः--------/ ऊँ नमः शिवाय।।।

          भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी।

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