Friday, June 8, 2018

क्या पत्रकार होकर मां बाप की सेवा करना गुनाह होता है

गोंडा ब्यूरो पवन कुमार द्विवेदी            शास्त्रों के अनुसार माँ बाप के सेवा करना व उनके मरने के बाद शास्त्रो के अनुसार क्रिया कर्म करना पुत्रो का धर्म होता है इसलिए लोग पुत्रो को पुत्रियो पर वरीयता देते है।लेकिन आज मैं आपको एक ऐसे पुत्र की कहानी बताता हूँ जिसका केवल एक मात्र उद्देश्य है केवल चल अचल संपत्ति हासिल करना है।साम दाम  दंड भेद सब करके चल अचल संपत्ति पा गया ।तो फिर उसका निसाना अपने पिताजी के बड़े भाई जिनके कोई संतान नही थी ।उनके जीते जी उनकी संपत्ति हासिल नही कर पाया ।उन्होंने इसकी गलत आचरण के कारण उसके छोटे भाई जो इसके विपरीत आचरण वाला है उसने सबकी सेवा का ब्रत ले लिया और नौकरी चाकरी छोड़कर घर पर रहकर सभी की सेवा की अपनी माता जी ,बड़ी बहिन ,पिता जी ,बड़े पिता जी सबकी सेवा की व सबकी क्रिया कर्म किया ,वर्तमान में पिता जी है उनकी भी सेवा कर रहा है ।लेकिन उनकी सेवा करने के लिए उसका कलयुगी बेटा आये दिन मार पीट करता है ।इसी आचरण को देखते हुए बड़े पिताजी ने चल अचल संपत्ति छोटे बेटे को दे दिया ।बड़े बेटे व उसके कलयुगी बेटे पहले तो अपने पिता जी की संपत्ति को जबर दस्ती जमीन को बैनामा करा लिया ।और उस अभागे बाप की सेवा छोटा बेटा कर रहा है उसे भी नही करने दे रहा है।वही बड़े पिता जी संपत्ति को पाने के आये दिन गाली गलौज ,मार पीट व धमकी दे रहे ।पूरा परिवार आतंक के साये में जी रहा है ।जिसकी शिकायत करने के बाद भी नही कारवाही हो रही है।वर्तमान में छोटा बेटा पवन कुमार द्विवेदी निवासी इटियाथोक गोंडा जो पत्रकार के साथ अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति का जिला सचिव भी उसके बाद भी दबंगो के आगे उसकी नही सुनी जा रही है ।विपक्षी गण सुरेश कुमार ,सुनील कुमार ,सुशील कुमार जिनका संरक्षण इटियाथोक के वर्तमान प्रधान प्रतिनिधि राजेश दुबे कर रहे है ।जिनकी नजर लोगो के जमीन पर ही रहती है ।मेरी जमीन गोंडा बलरामपुर मार्ग पर स्थित है जिसे प्रधान व उनके सहयोगियो की नजर है ।मैं अपनी जमीन उनलोगों को देना नही चाहता हूँ इसलिये ये सारी साजिस की जा रही है ।वही पत्रकार होने के नाते अधिकतर गरीबो व कमजोरों के मामले को उठाते है इसका भी कारण लोगो की दुश्मनी का ।आप सभी से गुजारिश है कि ऐसे मामले में मेरी मदद करे ।क्योकि मैं और मेरा परिवार बड़े कष्ट का जीवन यापन कर रहा है ।आप लोग ऐसे मामलों को ऊपर तक पहुँचा कर न्यायोचित फैसला करवाने की कृपा करें ।

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