Tuesday, July 10, 2018

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की अपराधियो के खिलाफ मुहिम पर भोला नाथ मिश्रा का विषेस लेख

मुख्यमंत्री योगीजी ने शपथग्रहण के तुरंत बाद तत्कालीन पुलिस महानिदेशक से स्पष्ट रूप से कहा था कि कानून व्यवस्था में बेहतरी और अपराधियों के नकेल कसना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसके बाद से मुख्यमंत्री लगातार अपराधियों एवं अपराध के नियन्त्रण की दिशा में लगातार जुटे हैं और अबतक दर्जनों खूंखार अपराधियों की मौत विभिन्न मुठभेड़ों में हो चुकी है। अभी तीन दिन पहले बाराबंकी के रामनगर थाने में बावरिया गिरोह के दो तथा दो दिन पहले हैदरगढ़ क्षेत्र में एक बदमाश की मौत दौरान मुठभेड़ हो चुकी है। मुख्यमंत्री खुद भी कई बार कह चुके हैं कि अपराधी या भाग जाय वरना मुठभेड़ में मरने के लिए तैयार हो जाय। मुख्यमंत्री के इस सख्त रूख से लग रहा था कि अपराधियों को सिर उठाने की हिम्मत नहीं पड़ेगी लेकिन हमारे "बहादुर ईमानदार कर्तव्यनिष्ठ"अधिकारियों एवं पुलिस ने मिलकर मुख्यमंत्री के अभियान को मजाक बना दिया है। अगर मजाक नहीं बना दिया होता तो कल सुबह पूर्वांचल के खूंखार अपराधी जेल में बंद मुन्ना बजरंगी की हत्या जेल में न हो पाती। अक्सर अपराधी कभी कभी सरकार पुलिस और दुश्मन से जान बचाने के लिए जेल में बंद हो जाते हैं ताकि जान बच सके लेकिन यहाँ पर तो अब जेल भी सुरक्षित नहीं रह गयी है। भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या दिन दहाड़ प्रदेश की राजधानी लखनऊे में मुन्ना बजरंगी ने मुख्तार अंसारी के इशारे पर 2009 में एके 47 रायफल से ताबड़तोड़ 400 राउंड गोलियां चला कर की गयी थी।इस घटना में छः अन्य विधायक के साथी भी मारे गये थे और पोस्टमार्टम के दौरान हर एक मरने वाले के शरीर पर साठ से सौ गोलियां तक मिली थी। इस घटना के बाद कुख्यात पूर्वांचल का डान मुन्ना बजरंगी उर्फ प्रेमप्रकाश सिंह मोस्टवांटेड बन गया था और सरकार ने उस पर सात लाख का इनाम घोषित कर रखा था।वह तभी से इधर उधर अपनी लोकेशन बदल बदल कर रहा था और इस दौरान वह विदेश भी गया तथा अपनी खास एक महिला प्रत्याशी भी लोकसभा में गाजीपुर सीट से खड़ा करने के लिये भाजपा से टिकट भी दिलवाने की कोशिश की थी किन्तु सफलता नहीं मिली थी। इससे उसके सम्बंध भी मुख्तार अंसारी से खराब हो गये थे और मुख्तार ने उन लोगों की मदद करना भी बंद कर दिया था। मुन्ना बजरंगी को अक्टूबर 2009 में दिल्ली पुलिस ने मलाड इलाके से उसे गिरफ्तार किया था।लोगों का मानना है कि मुन्ना बजरंगी ने खुद दिल्ली पुलिस को बताकर जान बचाने के लिए जेल चला गया था और तबसे वह जेल में ही बंद था। पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में बागपत मेरठ में चल रहे मुकदमें की पेशी पर हाजिर करने के लिये रविवार को उसे झांसी जेल से बागपत जेल लाया गया था। कल सुबह जेल में ही हुये विवाद में उसे गोली मार दी गई। जेल में गोली बंदूक कैसे पहुंच गयी इसका जबाब किसी के भी पास नहीं है और जेल जेलखाने की जगह खाला का जैसे घर बन गया है। योगीजी की सरकार में मुठभेड़ में जुटी पुलिस के लिये यह घटना अपने आप में चुनौती देने जैसी है।मुख्यमंत्री के सख्त रूख के बावजूद इस तरह की घटनाएं जंगलराज की तरफ संकेत करने वाली है क्योंकि जेल में अपराधिककृत्य होना भविष्य के खतरे की ओर इशारा कर रहा है। सवाल इस बात का नहीं है कि हत्या एक खूंखार अपराधी की हुयी है सवाल यह है कि हत्या जेल के अंदर जेल प्रशासन के रहते हुए हुयी है।सवाल तो यहाँ पर सरकार और पुलिस के अकबाल का है क्योंकि इस घटना से दोनों की साख गिरी है। जेल में गोली चलने खून खराबा होने का मतलब वहाँ पर अपराधियों का बोलबाला है। यहीं कारण है कि रविवार को जैसे ही मुख्यमंत्री को घटना की जानकारी दी गई वह बौखला गये और कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं।जेल के अंदर हत्या की बात सुनकर मुख्यमंत्री भी चौंक गये और उनका मूड गर्म हो गया है। पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि सुबह छः बजे जेल में झगड़े के दौरान सुनील राठी ने गोली मारी थी और गोली मारने के बाद असलहे को गटर में फेंक दिया।सवाल इस बात का है कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद असलहा और कारतूस जेल में कैसे आ गये? सरकार जितना अपनी छबि सुधारने की कोशिश कर रही है उसके अधिकारी कर्मचारी उतना ही खराब करने पर तुले हैं और जेल में हुयी हत्या इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। मुन्ना बजरंगी की हत्या इत्फाकियां है या पूर्वनियोजित है इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। यह तो लोग जानते ही थे कि वह पेशी पर यहाँ आता है इसलिये पूर्वनियोजित होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।इस घटना से जेल प्रशासन में बढ़ते भ्रष्टाचार और अपराधियों के बुलंद होते हौसलों का पर्दाफाश तो हुआ ही है साथ ही यह साबित हो गया है कि अपराधी अभी भी भयमुक्त हैं। धन्यवाद।। भूलचूक गलती माफ।। सुप्रभात / वंदेमातरम् / गुडमार्निंग / नमस्कार / अदाब / शुभकामनाएं।। ऊँ भूर्भुवः स्वः -----/ ऊँ नमः शिवाय।।।
           भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/ समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी

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