Saturday, July 14, 2018

मेरठ के पानी मे घुल रहा है जहर जाने क्या होगा अंजाम

हिंडन और काली नदी के जल से प्रभावित मेरठ के पानी में केवल पारा ही नहीं बल्‍कि आर्सेनिक और नाइट्रेट जैसे जहरीले तत्‍व भी समा चुके हैं। ये सभी तत्‍व मानकों से ऊपर पाए गए हैं। पारा, नाइट्रेट और आर्सेनिक की मौजदूगी से मेरठ का पानी पीने लायक नहीं बचा। इन जहरीले तत्‍वों से ना केवल गंभीर बीमारियां हो रही हैं बल्‍कि यह पूरे क्षेत्र में मौत बांट रहा है।हाल में केंद्रीय भूजल बोर्ड ने देशभर के राज्‍यों में ग्राउंड वाटर की गुणवत्‍ता की जांच कराई थी। रिपोर्ट में फ्लोराइड, नाइट्रेट, आर्सेनिक, आयरन, लेड, केडमियम और क्रोमियम जैसे जहरीले तत्‍वों की जांच हुई। पूरे देश में 20 राज्‍यों के 276 जिलों में फ्लोराइड, 21 राज्‍यों के 387 जिलों में नाइट्रेट, 10 राज्‍यों के 86 जिलों में आर्सेनिक, 24 राज्‍यों के 297 जिलों में आयर और 15 राज्‍यों के 113 जनपदों में लेड, केडमियम और क्रोमियम जैसे तत्‍व पाए गए। इस रिपोर्ट में उत्‍तर प्रदेश के जिले भी शामिल हैं। इसमें मेरठ का नाम भी दर्ज है। रिपोर्ट के अनुसार मेरठ के पानी में नाइट्रेट एवं आर्सेनिक की पुष्‍टि हुई है। मेरठ में नाइट्रेट की मात्रा 45 मिलीग्राम और आर्सेनिक की 0.05 मिलीग्राम प्रतिलीटर से अधिक मिली। इसी तरह लेड की मात्रा भी 0.01 मिली ग्राम प्रति लीटर से अधिक पाई गई। विभिन्‍न रिपोर्ट के अनुसार नाइट्रेट, आर्सेनिक और लेड शरीर में नर्वस सिस्‍टम के साथ-साथ कैंसर और त्‍वचा संबंधी गंभीर बीमारियां दे रहा है।

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