Saturday, July 21, 2018

प्रधानमंत्री के इस आ अभियान को पलीता लगाते सफाई कर्मचारी

  एक तरफ तो सरकार प्रधानमंत्री स्वच्छता अभियान चलाकर गाँवों हो चाहे शहर सभी को खुले शौच से मुक्ति दिलाने के लिए शौचालयों का निर्माण करा रही है और प्रधानमंत्री से लेकर डीएम एसडीएम कप्तान सिपाही चपरासी तक झाड़ू लगाकर साफ सफाई के लिये प्रेरित कर रहे हैं। सरकार ने भले ही गाँवों को साफ सुथरा बनाये रखने के लिए सफाई कर्मचारियों की तैनाती कर रखी हो लेकिन इसे गाँव का दुर्भाग्य ही कहा जायेगा कि इसका लाभ गाँवों को नहीं मिल पा रहा है और प्रतिमाह करोड़ों अरबों सरकारी खजाने का इनके वेतन के नाम खर्च होता है।इसके बावजूद सिर्फ दस फीसदी ही सफाई कर्मचारी ऐसे हैं जो कि सफाई का उत्तरदायित्व निर्वहन करते हैं। बीस फीसदी ऐसे हैं जिन्होंने अपनी जगह अपना आदमी लगा रखा है और वह उनकी जगह सफाई करने जाते हैं। जो असली या डुप्लीकेट सफाई कर्मचारी गाँव जाते भी हैं उनमें अधिकांश पूरी पंचायत में नहीं बल्कि स्कूल और प्रधान के गाँव घर तक सीमित रह जाते हैं। तमाम ऐसे गाँव भी हैं जहाँ पर स्कूल की सफाई वहां के शिक्षकों एवं बच्चों को करनी पड़ती है। सबसे दुखद पहलू यह है कि गाँवों को साफ सुधरा रखने के लियेे तैनात सफाई कर्मचारियों को अधिकारियों ने अपनी फौज बना ली है और इनका इस्तेमाल उच्चाधिकारियों के आगमन एवं निरीक्षण के समय गाँव गलियों दफ्तरों को लकालक करने में किया जा रहा है। कुछ सफाई कर्मचारी अधिकारियों के साथ दफ्तर में तो कुछ अधिकारियों के घरों पर रहकर प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान को परवान चढ़ा रहे हैं। बरसात का मौसम आ गया है और अब एक फिर गाँव मोहल्लों की गंदगी बीमारी बनकर कहर बरपा करेगी। गाँवों मे साफ सफाई न होने से हर साल तरह के बुखार आदि बीमारियों को पैर फैलाने का मौका मिलता है और सैकड़ो लोग अकाल काल के गाल में समा जाते हैं।कहते हैं कि जहाँ साफ सफाई रहती हैं वहाँ पर ऊपर वाले की रहमत बरसती है और जहाँ गंदगी रहती है उसे लोग नर्क कहते हैं। इसीलिए शायद कहते हैं कि जहाँ कुत्ता भी बैठता है वहाँ पर पहले अपनी पूंछ से साफ कर लेता है।साफ सफाई एवं स्वच्छता मनुष्य जीवन की अनमोल धरोहर है जिसके सहारे सुखमय निरोगी काया की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। धन्यवाद।। भूलचूक गलती माफ।। सुप्रभात / वंदेमातरम् / नमस्कार / अदाब / शुभकामनाएं।। ऊँ भूर्भुवः स्वः -------/ ऊँ नमः शिवाय।।।

          भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी।।

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