Thursday, July 19, 2018

मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद जेल में बंद माफियाओं में दहशत

उत्तर प्रदेश लखनऊ जेल को ऐशगाह और सुरक्षित मानकर वहीं बने रहने वाले दबंग विधायकों-अपराधियों की सांस अब ऊपर-नीचे हो रही है। चाहे बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी हों या एमएलसी बृजेश सिंह और माफिया बबलू श्रीवास्तव व अतीक अहमद, जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद इनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद जेल अफसरों ने भी इनकी बैरकों का निरीक्षण किया। जेल अधिकारियों का कहना है कि अपनी सुरक्षा की इतनी फिक्र देखकर इन माफिया के चेहरे पर खौफ साफ नजर आने लगा है। बताया जाता है कि खासकर मुख्तार अंसारी, बृजेश सिंह व बबलू ने सुरक्षा को लेकर अफसरों से बात की। रोजाना शाम को बैरक से निकलकर जेल परिसर में चहलकदमी करने वाले  शांत दिखे। उन्होंने ज्यादा समय अपनी बैरकों में ही बिताया। बाहर से आने वाले मुलाकातियों से भी ये लोग नहीं मिले।
100 वाहनों के काफिले के बीच बागपत से दयालपुर गांव लाया गया मुन्ना बजरंगी का शव
कुख्यात माफिया डॉन प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की बागपत जिला जेल में हत्या होने के बाद तड़के उसका शव करीब 100 वाहनों के काफिले के बीच बागपत से उसके गृहनगर जौनपुर में सुरेरी क्षेत्र स्थित दयालपुर गांव लाया गया तथा उसका अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकॢणका घाट पर कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल थे जिनमें से अधिकतर ने अपने-अपने चेहरे गमछे से ढक रखे थे।
बजरंगी की हत्या में केंद्रीय मंत्री समेत भाजपा से जुड़े कई लोग शामिल: भाई राजेश..मुन्ना बजरंगी की हत्या को गहरी साजिश का नतीजा बताते हुए उसके भाई राजेश सिंह ने इस मामले में एक केंद्रीय मंत्री समेत सत्ताधारी भाजपा से प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से जुड़े कई लोगों एवं नेताओं के शामिल होने की आशंका व्यक्त की है।उप्र पुलिस की तरफ से बजरंगी की सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई:DGP..उप्र के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा कि मुन्ना बजरंगी को झांसी जेल से बागपत जेल भेजने के दौरान प्रदेश पुलिस की तरफ से सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक नहीं हुई है। उसे सुरक्षित बागपत जेल पहुंचा दिया गया था। उन्होंने कहा कि इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं और कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा।

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