Monday, July 16, 2018

यह पशु चिकित्सालय है या भूतों का डेरा

दिलीपपुर/प्रतापगढ

बेलखरनाथ धाम ब्लॉक के  दिलीपपुर बाजार स्थित  पशु चिकित्सालय इन दिनों भूतों का डेरा बन गया है  यह अस्पताल न्याय पंचायत  दिलीपपुर के कोठियाही, चलाकपुर, बसीरपुर, रतनमई और छीटपुर  के दर्जनो गांव के लिए एक मात्र पशु अस्पताल है  मगर शासन की उपेक्षा से भूतो के डेरे जैसा हो गया है। जहां इस अस्पताल में पशुओं का इलाज कृतिम गर्भाधान, बधिया और टीके की सुविधा होनी चाहिए, तो अस्पताल खंडहर और वीरान पड़ा है। पशुपालको ने बताया कि चिकित्साधिकारी के रहने पर बेहतर सुविधा दवा इलाज ठीक से हो जाता था लेकिन  सरकारी चिकित्सक के अभाव मे पशुओ के गर्भाधान टीकाकरण व इलाज के लिए अप्रशिक्षित प्राइवेट चिकित्सक व नीम हकीमो का सहारा लेना पड़ता है जो पशुपालको का शोषण कर रहे है और सही इलाज न मिलने के कारण पशुओ की मृत्यु हो जा रही है ।
शासन की तरफ से विषाणु और जीवाणु जन्य रोगों के साथ खुरपका, मुंहपका, गलाघोटू रोगों के रोकथाम के लिए समय-समय पर टीके लगाए जाते हैं. साथ ही राष्ट्रीय पशुधन बीमा योजना है, जिसमें एक वर्ष अथवा तीन वर्ष की अवधि में पशुओं का बीमा होता है, जिसमें कुछ पशुपालक और शेष सरकार वहन करती है, जिसमें पशु की मृत्यु में बीमित राशि मिलती है, लेकिन क्षेत्र के पशुपालक शेषमणि मिश्र, दुर्गा तिवारी, गंगाप्रसाद,
रामअजोर, नन्हे सिंह, प्रदीप कुमार, राजेश सिंह अर्जुन सिंह आदि का कहना है  विभाग की उदासीनता व जागरूपता की कमी से हम सबको इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाती है ।

No comments:

Post a Comment