Tuesday, August 14, 2018

आयुक्त ने अधिकारियों संग रोपित किये पौधे

एक व्यक्ति एक वृक्ष के संकल्प के साथ आयुक्त देवीपाटन सुधेश कुमार ओझा के आहवान पर शुरू हुई पौधरोपण की पहल दिन-ब-दिन रंग ला रही है। सोमवार को आयुक्त श्री ओझा ने पंचायतीराज विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विकासखण्ड झंझरी अन्तर्गत प्राथमिक विद्यालय कुन्दुरखा में पहंुचकर डीएम गोण्डा कैप्टेन प्रभान्शु श्रीवास्तव, सीडीओ व अन्य अधिकारियों के साथ पौधरोपण किया तथा लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक तथा स्वच्छता और पौधरोपण अभियान से जुड़ने का आहवान किया।

बतौर मुख्य अतिथि आयुक्त ने कहा कि वृक्ष और स्वच्छता हमारे जीवन में भोजन और पानी की तरह ही महत्वपूर्ण हैं। वृ़क्ष के बिना जीवन बहुत कठिन है क्योंकि हमें स्वस्थ और समृद्ध जीवन देने में पेड़ का मुख्य पहलू है। वृक्ष प्राकृतिक संतुलन के साथ-साथ शुद्ध ऑक्सीजन और हवा देते हैं तथा वातावरण को स्वच्छ और सुन्दर बनाने में बहुत बड़े सहयोगी होते हैं। ये हमें सुरक्षा, छाया, भोजन, कमाई का जरिया, घर, दवा आदि भी देते हंै। स्वच्छ वातावरण के लिए जन-जन को एक वृक्ष लगाने का संकल्प लेकर काम करना होगा तथा पाॅलीथीन का भी परित्याग करना होगा और बीमारियों से बचने के लिए हमें अपने घर, कार्यालय के आस-पास स्वयं सफाई पर ध्यान देना होगा। स्वच्छता अभियान में जब तक गांव-गांव के हर नागरिक की भागीदारी नहीं होगी तब तक यह अभियान कदापि सफल नहीं हो सकता है इसलिए लोगों में जागरूकता लाकर ही इस मिशन को पूरा किया जा सकता है। उन्होने बताया कि इस वर्ष देवीपाटन मण्डल में 54 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य शासन द्वारा निर्धारित किया गया है जिसके सापेक्ष अब तक 16 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। इसी प्रकार देवीपाटन मण्डल में स्वच्छ भारत मिशन के तहत चार लाख छियान्नबे हजार शौचालय बनने थे जिसके सापेक्ष चार लाख पच्चीस हजार शौचालय बन चुके हैं और अक्टूबर 2018 तक निर्धारित लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा। उन्होने कहा कि पालीथीन बन्द होने से कुल्हड़, दोना व पत्तल का व्यवसाय करने वालों को पुनः रोजगार मिलना शुरू हो गया है जो कि एक शुभ संकेत है।

डीएम कैप्टेन प्रभान्शु ने कहा कि पौधे हमें छाया, औसीजन, फल फूल आदि तमाम नितान्त आवश्यक वस्तुएं निःशुल्क प्रदान करते हैं तथा पौधों से मानव समाज का बहुत ही पारम्परिक रिश्ता है। इसलिए स्वच्छता और पौधरोपण दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं का विशेष रूप से आहवान करते हुए डीएम ने कहा कि वे सब अपने अपने घरों में शौचालय बनवाने के लिए पुरूषों से जिद करें। उन्होने बच्चों का आहवान किया कि परिवार के बड़े सदस्यों को स्वयं पॉलीथीन का प्रयोग न करने दें साथ ही सभी दूसरे सदस्यों को भी इसका प्रयोग करने से रोकें। हर घर का एक व्यक्ति यदि एक-एक पौधा लगाएगा तो आने वाले दिनों वन का संकट स्वतः समाप्त किया जा सकता है। डीपीआरओ घनश्याम सागर ने बताया कि ग्राम पंचायत कुन्दुरखा में बेस लाइन सर्वे के अनुसार शौचालय के लिए 377 पात्रों का चयन किया गया था जिसके सापेक्ष अब तक 203 पात्रों के शौचालय बन चुके है और शेष के शौचालयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। सांसद प्रतिनिधि संजीव सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि वर्तमान में केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा समाज के पिछड़े व शोषित वर्ग के उत्थान के लिए शौचालय, आवास, स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाएं संचालित कराकर लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होने कहा कि जनपद में अधिकारियों के सहयोग से सरकार की योजनाएं धरातल पर लागू हो रही हैं। स्वच्छ भारत मिशन व पौधरोपण अभियान में लोगों का जुड़ने के लिए आहवान किया।

      इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अशोक कुमार, उपनिदेशक पंचायतीराज एस0एन0 सिंह, डीपीआरओ घनश्याम सगार, बीडीओ अजीत मिश्र, प्रमुख प्रतिनिधि अशाीष मिश्र, जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन अभय सिंह रमन, पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान सहित ग्रामवासी, अध्यापक, अध्यापिकाएं एवं स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।

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