Friday, August 31, 2018

प्राइवेट बसों पर अंकुश लगाने में परिवहन विभाग नाकाम रोज होती है तू तू मैं मै

गोन्डा ब्यूरो पवन कुमार द्विवेदी
गोंडा में लगभग 35 प्राइबेट  बसो का संचालन होने के कारण परिवहन विभाग को लाखो का घाटा हो रहा है उसका कारण है प्राइबेट बसे ये प्राइबेट बस वाले  रोड वेज के बगल खड़ा कर सवारियो को बुला बुला कर अपनी गाडियो में भरा कर भेजते है रोड बेज़ की बसे  रोड बेज़ की बसो को ख़ाली जाना  पड़ता है यदि रोड बेज़ के  चालक व् परिचालक इस पर एतराज जताते है तो प्राइबेट बसो के चालक वा मालिक मारपीट करने पर आमादा हो जाते है  और कई बार मार पीट भी हो चुकी है  इसका कारण प्राइबेट बस मालिको से अवैध वसूली  होना बताया जाता है कई प्राइबेट बसो के मालिको ने नाम न छा पने की शंर्त पर बताया की हम लोग गाड़ी खरीद कर मज़बूर है की प्रतिमाह 11000 रुपया देकर अपनी गाड़ी चलवानी पड़ती है जिसकी वसूली प्रतिमाह सभी बसी का मिलाकर तीन लाख पचासी हजार की वसूली वैसनो दास मिश्रा के द्वारा की जाती है आखिर में ये पैसा कहा जाता है  लेकिन जब वही  सूत्रो से पता चला की ये सारा पैसा उच्च अधिकारियो को जाता है जिसमे Aआरटीओ   परिवहन विभाग के R.M के बड़े बाबू और पुलिस बिभाग के सम्बंधित  अधिकारियो को जाता है
जब इस सन्दर्भ में परिवहन बिभाग के A.R.m. वी0 के बर्मा जी से पूछा गया तो उन्होंने बताया की
इसी बात को लेकर रोड वेज केकर्मचारियों से मार पीट भी हुई थी  और रोड वेज के चालक वा परिचालक ने रोड  जाम किया था उस समय भाजपा जिला अध्यछ के हस्तछेप पर रोड जाम हटाया गया था A R  M  ने बताया की हमारे पास सासना आदेश है की रोड वेज के एक किलोमीटर के अंतर्गत कोई भी प्राइबेट बसे सवारी नही बैठा सकते है इस बात को लेकर हमने जिला अधिकारी महोदय वा कमिसनर को कई बार  शिकायत की लेकिन पुलिस विभाग हमारा कोई मदद नही करती
अब देखना है कीविभागीय अधिकारी  प्राइवेट बसो पर अंकुश लगा पाते है की नहीं

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