Sunday, August 19, 2018

अटल जी से मुझे हमेशा मिला एक बेटी का प्यार -अर्चना दीदी

बुरहानपुर। शनिवार को स्थानीय ज्ञानवर्धनी सभागृह में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के निधन पर सर्वधर्म एवं सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी अपने विचार रखते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मंत्री श्रीमती चिटनिस ने कहा कि मेरे मन में बचपन की बहुत सी ऐसी स्मृतियां आज भी अंकित है जब अटलजी से मुझे बेटी का सा स्नेह मिला था। उनका हम सबके बीच से चले जाना मेरे लिए तो वज्राघात से कम नहीं है। दूरदृष्टि, प्रखर हिंदुत्व और विराट हृदय का अद्भूत समावेष अब किवंदती ही बन कर रह जाएगा।
मंत्री श्रीमती चिटनिस ने अपने शोक संदेश में कहा कि देश में ही नहीं दुनिया में श्री अटल जी की पहचान कुशल राजनीतिज्ञ, दक्ष प्रशासक, निपुण भाषाविद्, प्रखर वक्ता, मूर्धन्य कवि व पत्रकार के रूप में थी। श्रीमती चिटनिस ने श्री वाजपेयी को राजनीति का अजातशत्रु निरूपित करते हुए कहा है कि राजनीति के धुर विरोधी भी अटल जी की विचारधारा और कार्यशैली के कायल थे। मंत्री श्रीमती चिटनिस ने कहा है कि लोकतन्त्र के सजग प्रहरी श्री वाजपेयी जी ने राष्ट्र की प्रगति के अनेकानेक आयाम छुए। उन्होंने कहा कि जननेता और पथप्रदर्शक के रूप में श्री वाजपेयी जी को सदैव स्मरण किया जाएगा। उनके निधन से देश और प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा शून्य उत्पन्न हुआ है। राष्ट्र के सर्वांगीण विकास को लेकर श्री वाजपेयी की व्यापक दृष्टि और सोच थी। देश ने एक युगदृष्टा खो दिया है। श्री वाजपेयी जी का व्यक्तिव और अवदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने बताया कि अटल जी का बुरहानपुर आगमन 3-4 बार ही हुआ। मा. अटल जी की सभा बुरहानपुर में वर्ष 1982 में हुई थी। तीसरी बार 1986 में अकोला (महाराष्ट्र) के प्रवास के दौरान कुछ समय के लिए बुरहानपुर रूके थे। वर्ष 1982 में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष होकर बुरहानपुर श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने जयस्तम्भ चौराहा बुरहानपुर में रात्रि आम सभा को संबोधित किया था। जहां मंच पर सर्वश्री तत्कालीन भाजपा जिलाध्यक्ष प्रो. बृजमोहन मिश्र, उपाध्यक्ष रतनलाल हासानंदानी, प्रो. ब्रजववल्लभ हाथीवाला, रतिलाल लाड़, नारायणदास नावानी, सुभाष चौधरी, इफ़्तेख़ार सेठ औलिया, मोईन अंसारी, रविन्द्र ज्ञानी आदि के कर-कमलों द्वारा रूपए 2 लाख की श्रद्धानिधि खंडवा जिले की ओर से बुरहानपुर में भेंट की गई थी। इस आमसभा में मा.अटल जी ने कार्यक्रम हेतु बने मंच की ऊंचाई को अपने साहित्यिक शब्दों में “ये मंच है या मचान” कहकर आयोजकांे की तारीफ करते हुए अपने भाषण की शुरुआत की थी। इस कार्यक्रम में अटल जी के साथ मा. सुंदरलाल पटवा, कैलाश जी सारंग आदि भी उपस्थित रहे।
मंत्री श्रीमती चिटनिस ने ईस्वम को ऑप. बैंक इंदौर के वार्षिक कैलेंडर सन 2007 का विमोचन अटल जी के कर-कमलों से हुआ था। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं के समक्ष आए जलपान को ग्रहण करने का आग्रह करते हुए कहा था कि इसे अपना ही घर समझांे, तब हाजिर जवाब मा.अटल जी ने अपने मजाकिया लहजे में उपस्थित संचालक मंडल सदस्य व कार्यकर्ताओं से कहा थ कि इसे अपना समझना किन्तु मान मत लेना। फिर अटल जी ने सबसे जलपान को ग्रहण करने हेतु विशेष आग्रह किया था। बुरहानपुर से माननीय अटल जी की ऐसी अविस्मरणीय स्मृतियां शेष है जो हम सबको आजीवन प्रेरणा प्रदान करती रहेंगी।

No comments:

Post a Comment