Saturday, August 25, 2018

बुरहानपुर की ताप्ती नदी में विसर्जित हुई अटल जी की अस्थियां भाजपाइयों ने निकाली कलश यात्रा

बुरहानपुर। भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां शुक्रवार को बुरहानपुर में ताप्ती नदी में प्रवाहित की गईं। अस्थि कलश रथ यात्रा में निमाड़ सहित महाराष्ट्र से भी जनप्रतिनिधी एवं नागरिकगण शामिल हुए। इस दौरान लोगों ने छतों से पुष्पवर्षा कर अटल जी को याद किया। यात्रा के स्वागत में जगह-जगह मंच भी लगाए गए थे। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी), पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और सांसद नंदकुमारसिंह चौहान, मंत्री अंतरसिंह आर्य और जीतू जिराती सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण रथ के साथ चले। बुरहानपुर में ताप्ती नदी के सतियारा घाट पर अटलजी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पूज्य साधु-संतों की उपस्थिति में मंत्रोच्चार के साथ अस्थियों का सूर्यपुत्री मां ताप्ती नदी में विसर्जन किया गया।
यात्रा जिस भी मार्ग से निकली लोगों ने छतों से पूल वर्षा कर अटलजी अमर रहें, जब तक सूरज चांद रहेगा अटल जी का नाम रहेगा और हम आपको न भूल पाएंगे के नारे गूंजते रहे। स्कूल बच्चे भी पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। हाथों में फूल लिए मार्गांे के दोनों ओर खड़े होकर इन बच्चों ने रथ में पुष्प अर्पित कर अटल जी को याद किया। यात्रा के दौरान मार्गांे के आसपास अटल जी की कविताएं और अमर रहे के स्लोग लगे हुए थे।
मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि विष्व में भारत का चेहरा अटल बिहारी वाजपेयी जी रहे है। जय जवान जय किसान के साथ जय विज्ञान जोड़ने वाले अटल जी है। आज हर भारतवासी अटल जी के कारण आयी सूचना क्रांति के बल पर ही मोबाईल लेकर घूम रहा है। महिलाओं को राजनीति में सम्मानजनक स्थान दिलाने की बात सर्वप्रथम यदि किसी ने कि तो वह भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी रहे है।
श्रीमती चिटनिस ने कहा कि स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से ग्वालियर का नाम पूरे विश्व में आलोकित किया। स्व. अटलजी के जाने से न केवल ग्वालियर, प्रदेश, देश बल्कि करोड़ों लोगों के हृदय सूने हो गए हैं। स्व. अटल जी ने सम्पूर्ण जीवन देश सेवा में समर्पित करते हुए देशवासियों के हृदय पर राज किया। मंत्री श्रीमती चिटनिस ने अटल जी के व्यक्तित्व के अनूठे तत्वों का उल्लेख करते हुए कहा है कि वे हमेशा छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखते थे। वे स्नेह से भरे हुए थे। उन्होंने पूरी दुनिया में हिंदी का मान बढ़ाया। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी अपने भाग्य पर गर्व करेगी कि अटल जी को देखा था। अटलजी जैसा बनने का प्रयास करना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि मैं भाग्यशाली हूँ कि मुझे स्व. अटलजी का सानिध्य एवं आषीर्वाद प्राप्त हुआ। अटलजी का व्यक्तित्व अपने आप में एक विचार था। उन्होंने कहा कि अटल जी के अपनत्व के कारण जो भी उनसे मिलता था, उनका हो जाता था। स्व. श्री अटल जी के भाषण सुनकर ही अनेक लोग उनके साथ और उनके विचार पर कार्य करने के लिए तैयार हुए। उन्होंने कहा कि स्व. श्री अटलजी का सम्पूर्ण जीवन देश के लिए समर्पित रहा।
अस्थि कलष रथ यात्रा ने शुक्रवार को भोपाल से बुरहानपुर में प्रातः 11 बजे ग्राम देड़तलाई से प्रवेष किया। यात्रा ग्राम शेखपुरा, देड़तलाई, तुकईथड़, डोईफोडि़या एवं दर्यापुर होते हुए शाम 4 बजे शाहपुर बैरियर फाटे पर पहुंची। यहां से जीजामाता चौराहा, राजपुरा गेट, शनवारा चौराहा, गणपति थाना होते हुए श्री गणपति मंदिर पहुंची। यहां से सिंधीपुरा गेट, बुधवारा चौराहा, अड्डे की मस्जिद, इकबाल चौक, सुभाष चौक, गांधी चौक, कमल चौक, पांडुमल चौराहा, तिलक चौराहा, शंकर टॉकिज होते हुए शाम 5 बजे ताप्ती नदी के सतियारा घाट पर पहुंची। यहां पूज्य साधु-संतों की उपस्थिति में मंत्रोच्चार के साथ अस्थियों का विसर्जन किया। इसके बाद सर्वधर्म एवं सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा हुई।
ज्ञात हो कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां मध्यप्रदेश की 10 प्रमुख नदियों में विसर्जित की जा रही है। गुरुवार को भोपाल भाजपा कार्यालय से अस्थि कलश लेकर यात्रा प्रभारी रवाना हुए थे। प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर अस्थि कलश यात्रा पहुंच रही है और अस्थियां नदियों में विसर्जित की जा रही है। सूर्यपुत्री ताप्ती नदी में अस्थि विसर्जित हेतु 24 अगस्त को बुरहानपुर अस्थि कलष यात्रा पहुंची। यह यात्रा मंडीदीप, ओबेदुल्लागंज, रहटी, खातेगांव, खंडवा होते हुए बुरहानपुर पहुंची। इस यात्रा में प्रदेष की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी), पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और सांसद नंदकुमार सिंह चौहान, मंत्री अंतरसिंह आर्य और जीतू जिराती शामिल रहे।

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