Thursday, August 9, 2018

बिहार के मुज्जफरपुर के बाद अब उत्तरप्रदेश के देवरिया एवं हरदोई में नारी पर अत्याचार

अभी बिहार के मुजफ्फरपुर में एक तथाकथित समाजसेवी संस्था द्वारा संचालित महिला बाल संरक्षण गृह में चल रहे सेक्स रैकेट चलने का मामला चल ही रहा था कि इसी बीच उत्तर प्रदेश के देवरिया एवं हरदोई जिले में चल रहे नारी बाल संरक्षण गृह में सैक्स रैकेट चलने का मामला इत्फाकियां सामने आ गया है। देवरिया में अगर नारी संरक्षण गृह की एक बालिका भागकर पुलिस के पास नहीं पहुंच जाती तो शायद इसका भंडाफोड़ भी नहीं हो पाता।किसी ने कभी स्वप्न में भी इन नारी संरक्षण गृहों के बारे में जो नहीं सोचा होगा वह यहाँ पर हो रहा है।देवरिया स्थित माँ विन्ध्यवासिनी महिला बालिका गृह में चल रहे सैक्स रैकेट का पर्दाफाश रविवार तब हुआ जबकि बेतिया बिहार की एक बालिका किसी तरह जान बचाकर पुलिस के पास पहुंच गयी। पुलिस ने जब बालिका की शिकायत पर महिला बाल संरक्षण गृह पहुंची तो वहाँ पर शिकायत की पुष्टि हुयी और 24 महिला बालिकाएं मौके पर मौजूद मिली जिन्हें वहशी भूखे भेड़ियों से मुक्त कराया गया। यहाँ पर कुल 42 महिलाएं रहती है।इनमें से 18 मौके से गायब मिली जिनकी तलाश की जा रही है।इस नारी संरक्षण गृह में चल रहा सैक्स रैकेट बिहार की तरह कब से चल रहा था यह कहना मुश्किल है।कहावत है कि दूध का जला मठ्ठा फूंककर पीता है शायद यही कारण था कि बिहार सरकार की हो रही छीछालेदर को देखते हुये प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महराज ने रविवार को इसकी जानकारी मिलते ही सोमवार की सुबह हरकत में आ गये और तत्काल महिला कल्याणमंत्री रीता बहुगुणा जोशी, मुख्य सचिव अनूप चन्द्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार, एडीजी महिला हेल्पलाइन एवं अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार को पाँच कालीदास मार्ग पर तलब करके जाँच टीम का गठन ही नहीं कर दिया बल्कि तत्काल सरकारी हैलीकॉप्टर उपलब्ध कराकर देवरिया भेजकर जाँच शुरू करवा दी। इतना ही नहीं वहाँ के डीएम सुजीत कुमार को तत्काल हटाकर वहां के डीपीओको निलम्बित कर दिया गया तथा दो अन्य डीपीओ के खिलाफ विभागीय जाँच कर कार्यवाही करने के निर्देश दिये जा चुके है।इसके अलावा देवरिया के पुलिस अधीक्षक की पहल पर वहां के जिला प्रोबेशन अधिकारी की तहरीर पर संचालिका गिरिजा त्रिपाठी उनके पति मोहन त्रिपाठी आदि के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करके संचालिका को उनके पति के साथ परसों ही गिरफ्तार करके अदालत के समक्ष पेश करके जेल भेज दिया गया है।शेष नामजद अभियुक्तों की धरपकड़ के लिये छापेमारी की जा रही है और आशा व्यक्त की जा रही है कि मुख्यमंत्री के सख्त रूख को देखते हुये जल्दी ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जायेगा।इतना ही नहीं सरकार  कल ही पूरे प्रदेश में चल रहे नारी महिला बाल संरक्षण गृहों एवं आवासीय बालिका इंटर कालेजों की जाँच करवा चुकी है।जाँच के दौरान हरदोई के नारी संरक्षण गृह की 21 में से 19 लड़कियां गायब मिली हैं सिर्फ दो लड़कियां ही जाँच के दौरान मौजूद मिली है।इस नारी संरक्षण की लड़कियों को कहाँ भेजा गया है इसका जबाब नहीं है।महिला कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी के मुताबिक देवरिया में जो संस्था महिला बाल संरक्षण गृह चला रही थी उसकी मान्यता दो वर्ष पहले से ही स्थगित कर दी गई थी इसके बावजूद यहाँ पर लड़कियां किसके आदेश से भेजी जा रही थी इसका जबाब किसी के पास नही है। दूसरी तरफ इस घटना के बाद राजनीति तेज हो गयी है तथा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने तो मुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री से त्याग पत्र तक देने की माँग कर डाली है। इतना ही नहीं कम्युनिस्ट पार्टी ने आगामी नौ अगस्त को विरोध दिवस रालोद ने सभी नारी संरक्षण गृहों की  सीबीआई से जाँच कराने की माँग कर रही है। बसपा प्रमुख बहनजी का मानना है कि भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं पर सबसे अधिक उत्पीड़न शोषण एवं अत्याचार होने का आरोप लगाते हुये कहा है कि बिहार मुजफ्फरपुर में हुयी घटना को अगर संज्ञान मे लेकर अलर्ट हो जाना चाहिए था लेकिन सरकार सोती रही।उन्होंने कहा है कि बिहार के बाद उत्तर प्रदेश में संरक्षण गृह में रहने वाली महिलाओं के साथ जबरन देह व्यापार कराने जैसी घिनौनी घटना देश प्रदेश के लिये शर्म की बात है।यह सही है कि बिहार मुजफ्फरपुर एवं देवरिया की शर्मनाक घटनाओं से लगता है कि महिलाओं के संरक्षण के नाम पर सेल्टर हाउस चलाने वालों में समाजसेवी नहीं बल्कि समाजसेवी की खाल ओढे धूर्त लम्पट का प्रवेश हो गया है जो चिंता का विषय है।उससे अधिक चिंता की बात तो यह है कि इस घिनौनी हरकतों में राजनेता अधिकारी सफेदपोश शामिल होने लगे हैं अगर सरकारी अधिकारी बेदाग होते तो रोक के बावजूद वहां लड़कियों को संरक्षण के लिये नहीं भेजते। जिले के नारी संरक्षण गृहों में महिला संरक्षण के नाम पर उनके शरीर का जबरदस्ती शोषण करने का चलता रहे और वहाँ के जिम्मेदार अधिकारियों को पता न चल सके यह बात गले उतरने वाली नहीं है।इससे अधिक और शर्म की बात क्या हो सकती है कि एक तरफ तो सरकार वेश्यावृत्ति में फंसी महिलाओं का उद्धार कर  रही है और वहीं दूसरी तरफ बेवश बेसहारा महिलाओं को संरक्षण देने के नाम उन्हें जबरिया देह व्यापार जैसे घृणित धंधे में दलदल में धकेला जा रहा है।नारी संरक्षण गृह खाला के घर और नारी भक्षण केन्द्र बनते जा रहे हैं जो चिंताजनक है। धन्यवाद।। भूलचूक गलती माफ।। सुप्रभातम / वंदेमातरम् / गुडमार्निंग / नमस्कार / अदाब / शुभकामनाएं।। ऊँ भूर्भुवः स्वः --------/ ऊँ नमः शिवाय।।।
          भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/ समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी।।

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