Sunday, August 26, 2018

लोकतंत्र में विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका और कांग्रेस सुप्रीमो राहुल गांधी के भाषण

लोकतंत्र में विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका होती है इसीलिए नेता प्रतिपक्ष को कैबिनेट स्तर की सुविधाएं देने का प्रावधान है।नेता प्रतिपक्ष को इतनी सुविधाएं एवं इतना सम्मान इसीलिए दिया जाता है ताकि लोकतंत्र फलता फूलता एवं मजबूत होता रहे।नेता प्रतिपक्ष लोकतांत्रिक प्रणाली में एक जिम्मेदार देश प्रदेश का नेता होता है जो पहरूआ की ही नहीं बल्कि रक्षक संरक्षक और मार्गदर्शक की भूमिका अदा करके देश एवं प्रदेश को मजबूती एवं लोगों को न्याय दिलाता है।राजनीति में लड़ाई व्यक्तिगत नहीं होती है बल्कि नीतियों रीतियों की होती है लेकिन जब देश के आन-बान-शान पर आ जाती है तो विचारों की असमानता को छोड़ सभी एक साथ एक विचारधारा लेकर राष्ट्रहित में एकमत होकर खड़े हो जाते हैं।राजनीति का एक वक्त वह भी था जबकि अटल जी जैसे राजनेताओं को विपक्ष में होते हुये भी देश का प्रतिनिधि बनाकर विदेशों में देशहित में निर्णय लेने के लिये भेजा जाता था।राजनीति हमेशा देश के अंदर होती है राजनीति का दायरा कभी देश के आँगन से बाहर नहीं होना चाहिए क्योंकि घर की बात बाहर होने से घर की कमजोरी बाहरी जान जाते हैं।देश के अंदर सत्तारूढ़ दल के कार्यों विचारों आदि की खिलाफत की जानी चाहिए है और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सविनय आंदोलन धरना प्रदर्शन भी अहिंसात्मक ढंग से महात्मा गांधी के बताये रास्ते पर शांतिपूर्ण ढंग से होने चाहिए।इस समय आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियां में सभी राजनैतिक दल जुटे हैं।मुख्य प्रतिपक्ष  की भूमिका निभा रही कांग्रेस तो जी जान से आगामी लोकसभा फतह करने की जुगत में लगी है और उसके अगुवा राहुल गांधी प्रधानमंत्री उनकी सरकार और उनकी पार्टी एवं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर सीधे लगातार हमले पर हमले कर लोगों को सजग कर रहे हैं।देश की डुबती विपक्ष की नैय्या के संरक्षक खेवनहार राहुल गांधी द्वारा प्रतिपक्ष को जीवंत कर दिया गया है और अब वह पहले वाले पप्पू नहीं बल्कि वह भी राजनैतिक अखाड़े में तरह तरह के दाँव खेलने लगे हैं।कमाल तो तब हो गया जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी ने देश के अंदर की वैचारिक लड़ाई को विदेशी मंच तक पहुंचा दिया और उन्होंने अपने जर्मनी एवं लंदन दौरे के दौरान उन्होंने भाजपा पर कड़े हमले ही नहीं बोले बल्कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक की तुलना अन्तर्राष्ट्रीय आतंकी संगठन आईएस से करते हुये उसे अरब देशों में सक्रिय मुस्लिम सगंठन ब्रदरहुड बता दिया है। यह सही है देश की राजनीति पर विदेशी सरजमी से हमला बोलकर राहुल गांधी सुर्खियों में आ गये है लेकिन वोट के लिये देश के नागरिकों की तुलना आईएस एवं ब्रदरहुड से करने से दुनिया में देश की छबि पर विपरीत प्रभाव पड़ा है।यह सही है कि इस देश में हिन्दुओं मुसलमानों सिखों इसाइयों के तमाम संगठन ऐसे हैं जो कट्टरता पैदाकर धार्मिक उन्माद फैला रहा हैं और कुछ विदेशी ताकतों के इशारे पर चंद लाभ के लिये देश को कमजोर भी कर रहे हैं।राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का अपना एक गौरवशाली सेवाओं से भरा हुआ अतीत रहा है जो जगजाहिर है।राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कट्टर हिन्दू संगठन तो हो सकता है लेकिन इस्लामिक आतंकी संगठन आईएस जैसा दुनिया पर शासन करने का दिवास्वप्न देखने वाला क्रूर निर्दयी संगठन कहना उचित नहीं होगा। धन्यवाद।। भूलचूक गलती माफ।। सुप्रभात / वंदेमातरम् / गुडमार्निंग / अदाब / शुभकामनाएं।। ऊँ भूर्भुवः स्वः -------/ ऊँ नमः शिवाय।।।
        भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी।

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