Wednesday, September 12, 2018

आंगनबाड़ी और आशा वर्करों की सैलरी में इजाफा उनका मेहनताना या सिर्फ एक राजनीतिक दांव

समाज में रहकर समाज की सेवा करने वाली महिलाओं की समाज केभविष्य निर्माण एवं स्वस्थ सुशिक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका है। वह चाहे जच्चा बच्चा को स्वस्थ रखकर सुरक्षित प्रसव कराने वाली स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी आशाबहू के रूप में हो या फिर चाहे बाल विकास पुष्टाहार योजना को मूर्ति रूप देकर चुनाव आयोग से लेकर सरकार की विभिन्न योजनाओं में महती भूमिका निभाने वाली आँगनबाड़ी हो।आशाबहू एवं आँगनबाड़ी भले ही एक सरकारी कर्मचारी की भूमिका समाज में अदा कर रही हो लेकिन दोनों का रातदिन सेवा देने के बावजूद पेट नहीं भरता है और न ही इन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा ही मिल सका है।आज समाज में मजदूर को भी दो सौ तीन रूपये मिल जाते हैं लेकिन इन दोनों को उतना भी मेहनताना नहीं मिलती है। आँगनबाड़ी कार्यकर्तियों एवं उनकी सहायिकाओं को प्रतिमाह कहने भर के लिये मानदेय मिलता है लेकिन आशाबहुओं को सिर्फ हर कार्य करने के बदले एक तय धनराशि दी जाती है लेकिन दुर्भाग्य है कि इन विभिन्न स्वास्थ्य से जुड़े कार्यों का पूरा पारश्रमिक इन्हें नहीं मिल पाता है। आँगनबाड़ी कार्यकर्त्री एवं सहायिका अपना मानदेय बढ़ाने की मांग बहुत दिनों से कर रही हैं तथा इसके लिये वह कई राजधानी मुख्यालय पर ऐतिहासिक धरना प्रदर्शन करके पुलिस की लाठियाँ भी खा चुकी हैं।पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान से कुछ राजनैतिक दल इनकी  समस्याओं का निदान कराकर मानदेय बढ़ाने का वायदा भी कर चुके हैं। विपक्ष जहाँ एक तरफ मोदीजी एवं उनकी सरकार पर लामबंद होकर चौतरफा हमलावर होकर भारतबंद करके लोगों को भड़काकर आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रहा है तो मोदी जी भी अपनी चुनावी मैजिक जारी है और उसी मैजिक के सहारे आगामी चुनाव फतह करके पुनः सत्ता मेंं आने का दावा कर रहे हैं। इस समय आँगनबाड़ियों एवं उनकी सहायिकाओं की संख्या मतदाता के रूप में अच्छी खासी है क्योंकि एक ग्राम पंचायत में एक नहीं बल्कि में कई आँगनवाड़ी केन्द्र चलते हैं और इनके परिवारों को अगर जोड़ लिया जाय तो मतदाता के रूप एक बड़ा समूह खड़ा हो जायेगा।शायद कल मोदी जी ने आँगनबाड़ियों से सीधे जुड़कर अपना मैजिक चला कर आँगनबाड़ियों एवं सहायिकाओं के मुरछाये चेहरों पर रौनक ला दी और बातों बातों में उनका दिल जीतने के लिये उनके मानदेयों में एक हजार रूपये की वृद्धि कर दी गई। मोदीजी ने यह घोषणा ऐसे वक्त की है जबकि आँगनबाड़ी समूह राजनैतिक दलों खासतौर पर सरकार से निराश हो गया था। प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा इनके साथ दर्शायी गई हमदर्दी का फायदा निश्चित तौर पर भविष्य में मिल सकता है क्योंकि मोदीजी इस घोषणा से आँगनबाड़ी समूह में खुशी की लहर दौड़ गयी है।धन्यवाद।। भूलचूक गलती माफ।। सुप्रभात / वंदेमातरम् / गुडमार्निंग / नमस्कार /अदाब / शुभकामनाएं।। ऊँ भूर्भुवः स्वः-------/ ऊँ नमःशिवाय।।।

         भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी

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