Sunday, October 14, 2018

मी टू मूवमेंट पर मेनका गांधी का ऐलान हर मामले की होगी जांच

सरकार की तरफ से अब महिला एंव बाल विकास मंत्रालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले पर केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने कहा है, मी टू मामलों की जन सुनवाई के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की चार सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। उन्होंने कहा, “वरिष्ठ न्यायाधीश, कानूनी विशेषज्ञों वाली प्रस्तावित समिति मी टू अभियान के तहत सामने आए सभी मामलों को देखेगी।”बता दें कि, सरकार की तरफ से मेनका गांधी ने ही केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर लगे आरोपों पर कहा था कि यौन शोषण के आरोपों को गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि महिलाएं अक्सर बाहर बोलने से घबराती हैं। उन्होंने कहा था ‘कई पुरुष बड़े पद का फायदा उठाकर ऐसा करते हैं और मीडिया, राजनीति या कई कंपनियों में भी ऐसा होता है।’मेनका ने आगे कहा था कि, महिलाएं को लगता है कि लोग उनका मजाक उड़ाएंगे और उनके चरित्र पर शक करेंगे। लेकिन अब महिलाएं इसको लेकर बोल रही हैं तो उनके आरोपों को गंभीरता से लेकर कार्रवाई होनी चाहिए।इस कैंपेन में महिलाएं अपने साथ वर्कप्लेस पर होने वाले व्यवहार को सामने ला रही हैं, कि किस तरह के माहौल में उनको काम करना पड़ रहा है। कैसी कैसी दिक्कतें आ रही हैं या आ चुकी हैं। इस कैंपेन के जरिए अपने साथ होने वाली घटनाओं के बारे में महिलाएं सोशल मीडिया में लिख रही हैं। इस मूवमेंट में महिलाएं #MeToo के साथ कुछ स्क्रीन शॉट्स भी शेयर कर रही हैं। भारत में इसकी शुरूआत तनुश्री दत्ता ने की थी। उन्होंने नाना पाटेकर पर आरोप लगाए थे। भारत में यह मूवमेंट 2017 में शुरू हुआ।इसकी शुरूआत 2006 में हुई थी। इस कैंपेन की शुरूआत हॉलीवुड से हुई थी। इसकी शुरूआत अमेरिकी सिविल राइट्स एक्टिविस्ट तराना बर्क ने की थी। भारत में मी टू कैंपेन शुरू होने के बाद से अब तक कई बड़ी बॉलीवुड हस्तियों के नाम इसमें सामने आ चुके हैं इनमें विकास बहल, चेतन भगत, रजत कपूर, कैलाश खैर, जुल्फी सुईद, आलोक नाथ, सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य, तमिल राइटर वैरामुथु और मोदी सरकार में मंत्री एमजे अकबर शामिल हैं।

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