Sunday, October 28, 2018

दस करोड़ जनता को पत्र लिखकर आयुष्मान भारत योजना में शामिल होने की जानकारी देगी सरकार

नई दिल्लीः केंद्र सरकार की स्वास्थ्य बीमा कवर देने वाली महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत को सफल बनाने में मोदी सरकार ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। लेकिन सरकार ने जिन लोगों के लिए इस स्कीम को शुरू किया वहीं इसमें बड़ी रूकावट खड़ी कर रहे हैं।
हालांकि सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए भी समाधान ढूंढ लिया है। नीति आयोग के सदस्य विनोद के. पॉल ने बताया कि आयुष्मान भारत के सफल होने में सबसे बड़ी बाधा वही 10 करोड़ परिवार हैं जिनके लिए यह स्कीम है। पॉल के मुताबिक इन लोगों को स्कीम के बारे में होने वाले लाभ और इसकी पूरी जानकारी न होने की वजह से लोग इसका फायदा नहीं उठा रहे। कई परिवारों को तो यह भी नहीं पता कि वे इस स्कीम में पहले से ही रजिस्टर्ड हैं।
दरअसल आर्थिक और सामाजिकजातिगत जनगणना के डाटा के आधार पर निचले स्तर पर आने वाले 40 प्रतिशत लोग आयुष्मान भारत में खुद-ब-खुद ही रजिस्टर्ड हो चुके हैं और उन्हें इसके लिए किसी तरह की कोई प्रक्रिया या जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी। लोगों को इसके बारे में जानकारी देने के लिए मोदी सरकार अब उन 10 करोड़ परिवारों को खत लिखकर इस स्कीम के बारे में पूरी जानकारी देगी।

आयुष्मान भारत को लॉन्च हुए एक महीना हो चुका है और अबतक करीब 112,000 लोगों ने इसका लाभ उठाया है। इस पर अभी तक कुल 146 करोड़ रुपए से ज्यादा का खर्च आया है। सरकार इस स्कीम पर सालाना 120 अरब रुपए खर्च करने की योजना बना चुकी है। अगर किसी को पता लगाना है कि उनका नाम इस स्कीम में है या नहीं तो वे इसको जांचने के लिए mera.pmjay.gov.in वेबसाइट देख सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 14555 पर कॉल करके पूरी जानकारी ले सकते हैं।

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