Wednesday, October 24, 2018

दीपावली पर ऑनलाइन पटाखे बेंचने पर लगा प्रतिबन्ध

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने देशभर में पटाखो की बिक्री पर किसी तरह का प्रतिबंध लगाने से मना कर दिया है। हालांकि न्यायालय ने कुछ शर्तें भी रखी हैं। मंगलवार को न्यायालय ने पटाखो की ऑनलाइन बिक्री पर प्रतिबंध लगाने और ई-कॉमर्स साइटों पर पटाखो की आनलाइन बिक्री करने से रोक दिया है। न्यायालय का कहना है कि केवल लाइसेंस धारक ट्रेडर्स ही पटाखो की बिक्री कर सकते हैं।
है। फ्लिपकार्ट और एमेजन जैसी वेबसाइट्स को पटाखो की बिक्री करने से रोक दिया है। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें अदालत की अवमानना का जिम्मेदार माना जाएगा। न्यायालय ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह दिल्ली-एनसीआर स्थित समुदाय को दीवाली और अन्य त्योहार पर पटाखे ना जलाने के लिए प्रोत्साहित करे। न्यायालय ने अनुमेय सीमा पार करने वाले पटाखे बेचने पर रोक लगाई है।
वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने कि लिए देशभर में पटाखो के उत्पादन औप बिक्री पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका दायर की गई थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने मंगलवार को इसपर अहम निर्देश जारी किए। इससे पहले जस्टिस एके सीकरी और अशोक भूषण की पीठ ने 28 अगस्त को मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था।
इससे पहले सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि याचिका पर फैसला देते समय पटाखा निर्माताओं के जीवनयापन के मौलिक अधिकार और देश के 1.3 अरब लोगों के स्वास्थ्य अधिकार समेत सभी पहलुओं पर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। पिछले साल 9 अक्तूबर को दिवाली से पहले कोर्ट ने पटाखो की बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया था।
न्यायालय ने कहा था कि संविधान के अनुच्छेद-21 (जीवन के अधिकार) सभी श्रेणी के लोगों पर लागू होता है। पटाखो के ऊपर पूरे देशभर में प्रतिबंध लगाने पर विचार करते समय संतुलन बरकरार रखने की जरूरत है। न्यायालय ने केंद्र सरकार से प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए उपाय सुझाने के लिए कहा है। साथ ही यह भी पूछा है कि पटाखो पर प्रतिबंध लगाने से जनता पर क्या असर पड़ेगा।

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