Sunday, October 7, 2018

जन संवाद मंच व जन मानस पार्टी के लोगों ने कानून मंत्री को ज्ञापन देकर प्रदीप मिश्रा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की

गोन्डा ब्यूरो पवन कुमार द्विवेदी
 गोण्डा। जनपद में फोरलेन सडक निर्माण कार्य में बाधक बन रहे जयनरायन चैराहा के निकट पथिक होटल जो कि अवैध सरकारी भूमि पर निर्मित है। जिसे लेकर जनसंवाद मंच के सुनील त्रिपाठी सहित जनपद के प्रबुद्ध आमजन समर्थन में धरना-प्रर्दशन कर उकत अवैध निर्माण को ढहाने को लेकर कुछ समय से सर्घषरत है। यही नही फोरलेन निमा्रण में बाधक बन रहे पथिक होटल को गिराने को लेकर उच्चन्यायालय ने भी अपना स्पष्ट आदेश दे दिया था। परन्तु दुर्भाग्य जनपद के प्रशासनिक अधिकारियो ने फोरलेन सउक निर्माण में बाधक बन रहे पथिक होटल पर लगातार ढुल-मुल रवैया अपनाये हुए है। जिसका खामियाजा आमजनमानस को भुगतना पड रहा । यही जनपद के प्रशासनिक अधिकारियो के ढुल-मुल रवैये ने फोरलेन सउक निर्माण में बाधक बन रहे पथिक होटल को लेकर उग्र हो रहे आन्दोन में उस समय एका-एक अचानक मोड आ गया जब दो अक्टूबर से पथिक होटल के अतिक्रमण के खिलाफ धरने पर बैठने वाले जनसंवाद मंच के कोषाध्यक्ष प्रदीप कात्यायन की एक अक्टूबर को संदिग्ध हालात में हुए मौत हो गयी। इस मामले को लेकर जनसंवाद मंच ने इस घटनाक्रम की जांच एसआईटी से कराने व अतिक्रमण को तुरंत हटाने सहित मृतक परिवार को मुवायजा देने को लेकर भारतीय जनमानस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगन्नाथ मिश्र ने कानून एवम न्याय मंत्री बृजेश पाठक ने मिलकर ज्ञापन सौपा।  कानून मंत्री ने ज्ञापन को लेकर गंम्भीरता दिखाते हुए गोण्डा के पुलिस अधीक्षक को फोन कर फोन पर ही तत्काल अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। साथ ही जनसंवाद मंच के कोषाध्यक्ष प्रदीप मिश्र की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में पथिक होटल मालिक सहित अन्य की भूमिका की भी जांच कराने का आदेश दिया। यही नही उनहोने मृतक के परिजनो को आर्थिक सहायता दिलाये जाने का भी आश्वासन दिया। बताते चले कि दो अक्टूबर से पथिक होटल के अतिक्रमण के खिलाफ धरने पर बैठने वाले जनसंवाद मंच के कोषाध्यक्ष प्रदीप कात्यायन की एक अक्टूबर को संदिग्ध हालात में मौत हो गयी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच विवेचना थाना प्रभारी इटियाथोक को मिला है। मंच के अध्यक्ष सुनील त्रिपाठी से बातचीत कर थानाध्यक्ष ने कहा कि अगर इसमें कोई साजिश या हत्या है, तो जल्द ही अपराधी सलाखों के पीछे होंगे। होटल मालिक राकेश चंद्र अग्रवाल, राजू अग्रवाल, चिंटू अग्रवाल और श्यामपाल के नम्बर की एक हफ्ते की कॉल डिटेल्स निकाली जा रही है ।पुलिस का रवैया इस मामले में कुछ सही नही लग रहा है ।उनके बातचीत से यही लग रहा कि उन पर कोई भारी दबाव है ।पुलिस इस घटना को एक दुर्घटना साबित कर मामले को रफा दफा करने के मूड में है ।अब अगर कानून मंत्री इस मामले में दखल देते तो हो सकता है कुछ सकारात्मक परिणाम मिले ।वही आज तक पथिक वाले मामले को लेकर आज तक के घटना कर्म को देखते हुए नही लग रहा है कि इस मामले में कुछ नया होगा ।

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